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SEBI और NISM ने मिलकर Municipal Bonds पर लॉन्च किया एक ई-लर्निंग कोर्स, चेक करें जरूरी डिटेल

म्युनिसिपल बॉन्ड एक डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है जिसे भारत में नगर निगमों या संबंधित संस्थाओं द्वारा जारी किया जाता है।

Last Updated- January 19, 2025 | 8:12 PM IST
Bonds

मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (NISM) के साथ मिलकर म्युनिसिपल बॉन्ड (Municipal Bonds) पर एक ई-लर्निंग कोर्स शुरू किया है। पूंजी बाजार को विकसित करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत, सेबी ने म्युनिसिपल बॉन्ड्स पर जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत के विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए हैं। म्युनिसिपल बॉन्ड पर ई-लर्निंग कोर्स भी सेबी की इसी पहल का हिस्सा है। बाजार नियामक का मकसद शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने को प्रोत्साहित करना है।

Municipal Bonds पर ई-लर्निंग कोर्स की खासियत

यह कोर्स SEBI और NISM द्वारा मिलकर तैयार किया गया है। यह कोर्स 10 घंटे का है जिसे आप अपनी सुविधा के अनुसार पूरा कर सकते हैं। इसमें विशेषज्ञों के वीडियो लेक्चर, इंटरैक्टिव क्विज़ और वास्तविक जीवन के केस स्टडी शामिल हैं।
यह कोर्स वैकल्पिक फंडिंग के तरीकों, म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने और लिस्ट करने के नियमों, जरूरी अनुपालनों, बाजार के प्रमुख मध्यस्थों की भूमिकाओं, परियोजनाओं को चुनने और निवेशकों तक पहुंच बनाने की प्रक्रिया को समझाएगा। साथ ही, इसमें एस्क्रो मैकेनिज्म, क्रेडिट रेटिंग, ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड्स और सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड्स जैसे विषय भी शामिल हैं।

कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट भी मिलेगा

कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो म्युनिसिपल बॉन्ड्स में उनकी विशेषज्ञता को प्रमाणित करेगा। यह कोर्स शहरी प्रशासन में वित्तीय नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

ई-लर्निंग कोर्स को 31 मार्च, 2025 तक एकदम फ्री और उसके बाद मामूली फीस पर प्राप्त किया जा सकता है।

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Municipal Bonds क्या होता है?

म्युनिसिपल बॉन्ड एक डेब्ट इंस्ट्रूमेंट है जिसे भारत में नगर निगमों या संबंधित संस्थाओं द्वारा जारी किया जाता है। इन स्थानीय सरकारी संस्थाओं द्वारा इन बॉन्ड्स के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग पुलों, स्कूलों, अस्पतालों के निर्माण और घरों को उचित सुविधाएं प्रदान करने जैसे सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं के लिए किया जाता है।

ये बॉन्ड तीन साल के मैच्योरिटी पीरियड के साथ आते हैं, जिसमें नगर निगम इन बॉन्ड्स पर रिटर्न प्रदान करते हैं। यह रिटर्न या तो संपत्ति कर और प्रोफेशनल टैक्स से एकत्रित राशि से या विशिष्ट परियोजनाओं से उत्पन्न राजस्व से, या दोनों के माध्यम से दिया जाता है।

यह कोर्स किसके लिए उपयोगी होगा

इस कोर्स का उद्देश्य व्यक्तियों को वित्तीय विकास परियोजनाओं के लिए एक उपकरण के रूप में म्युनिसिपल बॉन्ड की अवधारणा को समझने के लिए ज्ञान और व्यावहारिक कौशल हासिल करने में मदद करना है। इतना ही नहीं, यह कोर्स राज्य स्तरीय नियामक अधिकारियों, वित्त विभाग के अधिकारियों, नीति निर्माताओं और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और फंडिंग रणनीतियों में लगे सलाहकारों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

First Published - January 19, 2025 | 8:12 PM IST

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