facebookmetapixel
Stocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत, 2026 के पहले दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकलेकहीं 2026 में अल-नीनो बिगाड़ न दे मॉनसून का मिजाज? खेती और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंकानए साल की पूर्व संध्या पर डिलिवरी कंपनियों ने बढ़ाए इंसेंटिव, गिग वर्कर्स की हड़ताल से बढ़ी हलचलबिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण: कॉरपोरेट जगत को नए साल में दमदार वृद्धि की उम्मीद, भू-राजनीतिक जोखिम की चिंता

AIF में कुल प्रतिबद्धता का सिर्फ 65 फीसदी वास्तविक निवेश

अनंत नारायण ने कहा कि ऐसे वास्तविक निवेश का सिर्फ 7 फीसदी ही स्टार्टअप में गया है। दिसंबर 2023 तक AIF उद्योग के पास 1.40 लाख से ज्यादा निवेशक थे।

Last Updated- February 27, 2024 | 11:13 PM IST
AIF में कुल प्रतिबद्धता का सिर्फ 65 फीसदी वास्तविक निवेश , AIFs' actual investment at 65% of commitments: Sebi WTM Ananth Narayan

बाजार नियामक सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने कहा है कि ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंडों (एआईएफ) की प्रतिबद्धता बढ़कर 10.84 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है लेकिन इसमें और वास्तविक निवेश के आंकड़ों में फर्क है।

उन्होंने कहा कि ऐसे फंडों का वास्तविक निवेश अभी तक (साल 2012 से) कुल प्रतिबद्धताओं का सिर्फ 60-65 फीसदी ही नजर आ रहा है। ऐसे में हमें इसका कारण तलाशना चाहिए और यह भी कि क्या हम आंकड़ों का सही विश्लेषण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे वास्तविक निवेश का सिर्फ 7 फीसदी ही स्टार्टअप में गया है। दिसंबर 2023 तक एआईएफ उद्योग के पास 1.40 लाख से ज्यादा निवेशक थे और निवेश 4 लाख करोड़ रुपये तक था। सेबी के अधिकारी ने उन मूल्यांकन पर भी चिंता जताई जहां नियामक ने पाया कि वे लंबी अवधि तक वैसे ही बने हुए हैं।

इंडियन प्राइवेट इक्विटी ऐंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन के कॉन्क्लेव में नारायण ने उद्योग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने मूल्यांकन में भी उस समय काफी गिरावट देखी है जब फंड अपनी परिपक्वता के करीब होता है। उन्होंने कहा कि नियामक की योजना एआईएफ आवेदनों को मंजूरी देने की अवधि घटाकर एक महीना करने की है। अभी कोई भी आवेदन लंबित नहीं है जबकि दिसंबर 2022 में 55 से ज्यादा आवेदन लंबित थे।

एआईएफ के रास्ते बैंकों व एनबीएफसी की तरफ से पुराने कर्ज के निपटान के लिए नया कर्ज देने से बचने की दरकार है ताकि यह एनपीए न बन पाए। इसे दोहराते हुए सेबी के अधिकारी ने कहा कि मानकों के लिए बने फोरम ने मसौदा तैयार कर लिया है, जिसमें यह ब्योरा है कि एआईएफ फंड मैनेजरों और फंडों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं। आचार संहिता के साथ सेबी इसे और बेहतर तरीके से पारिभाषित करने के लिए काम कर रहा है।

First Published - February 27, 2024 | 11:13 PM IST

संबंधित पोस्ट