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नए फंडों के दम पर बाजार में सुधार का लाभ उठाएंगे एमएफ

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 8:10 PM IST

बाजार में सुधार के रुझान के बीच म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने कमजोर मूल्यांकन का लाभ उठाने और अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए नए फंडों के लिए आवेदन किया है।
महिंद्रा एमएफ ने ऊंची गुणवत्ता वाले शेयरों पर केंद्रित पोर्टफोलियो बनाने के लिए फोकस्ड इक्विटी फंड के लिए आवेदन किया है।
महिंद्रा मैन्युलाइफ एमएफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी आशुतोष बिश्नोई ने कहा, ‘हमारा मानना है कि अच्छी गुणवत्त वाले शेयर शुरू में रिकवरी को मजबूती प्रदान करेंगे। इसके अलावा मौजूदा समय में आकर्षक स्तरों पर मौजूद अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों का पोर्टफोलियो तैयार करना समझदारी है।’
ब्लूचिप में बड़ा भारांक रखने वाले निफ्टी अपने मार्च के निचले स्तरों से 32.2 प्रतिशत सुधर चुका है। समान अवधि में 27 और 28.8 प्रतिशत की तेजी के साथ मिड- और स्मॉल-कैप जैसे प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से कुछ कमजोर रहा है।
बिश्नोई ने कहा, ‘एक मजबूत फोकस्ड इक्विटी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए मौजूदा बाजार गिरावट में हुए नुकसान की भरपाई करने में मददगार साबित हो सकता है। अनुकूल रिस्क प्रोफाइल वाले निवेशक ऐसे फंड पर विचार कर सकते हैं।’
अन्य फंड हाउसों में, एचएसबीसी एमएफ भी जुलाई में फोकस्ड इक्विटी फंड पेश करेगा।
एचएसबीसी ग्लोबल ऐसेट मैनेजमेंट इंडिया के मुख्य निवेश अधिकारी तुषार प्रधान ने कहा, ‘हम उन कंपनियों और क्षेत्रों पर सकारात्मक बने हुए हैं जो चुनौतीपूर्ण समय में भी अपनी आय में तेजी दर्ज करने की क्षमता रखते हैं।’ फंड हाउस ने मिड-कैप इक्विटी फंड के लिए भी आवेदन किया है।
उन्होंने कहा, ‘अच्छे चयन पर ध्यान बनाए रखने और खास निवेश रणनीतियों पर अमल करने से मदद मिल सकती है। हमें विश्वास है कि केंद्रित रणनीतियों से निवेशकों को दीर्घावधि में कमाई करने में मदद मिल सकेगी।’
इस बीच, प्रिंसिपल एमएफ ने लार्ज-कैप फंड के लिए आवेदन किया है। प्रिंसिपल एमएफ के सीआईओ रजत जैन ने कहा कि हमारे नजरिये से, उस लार्ज इक्विटी कैटेगरी में उपस्थिति बढ़ाना महत्वपूर्ण है, जिसमें हमारी उपस्थिति पहले नहीं थी।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़े से पता चलता है कि लार्ज-कैप श्रेणी की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) इक्विटी-केंद्रित फंडों के लिए (30 अप्रैल, 2020 तक) 19.7 प्रतिशत थीं।
उद्योग के जानकारों के अनुसार, अन्य फंड हाउस भी बैंकिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित फंड पेश करने की योजना बना रहे हैं।
फंड प्रबंधकों का कहना है कि इस सेक्टर में शेयर काफी कम मूल्यांकन पर उपलब्ध हैं, और बड़े आकार के बैंक अहम योगदान देंगे, क्योंकि ऋण उठाव आर्थिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगा।
फंड हाउसों ने हाल में निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय निवेश पहुंच उपलब्ध कराने वाली योजनाओं के लिए आवेदन किया है। वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक मैन्युलाइफ के साथ अपनी भागीदारी का लाभ उठाने के लिए महिंद्रा एमएफ ने इसी तरह का फंड पेश करने की योजना बनाई है।
बिश्नोई ने कहा, ‘हम वैश्विक बाजारों में अच्छी गुणवत्ता वाले व्यवसाय में तेजी दर्ज कर रहे हैं। इसकी कोई वजह नहीं है कि जोखिम लेने वाले निवेशकों को इस हालात में दांव नहीं लगाना चाहिए। वैश्विक निवेश ज्यादा विविधता में भी सक्षम बनाता है।’
मिरई एमएफ ने आर्बिट्राज योजना शुरू की है। महिंद्रा एमएफ ने भी इसी तरह की योजना के लिए आवेदन किया है।
अप्रैल में, आर्बिट्राज फंडों ने 6,857 करोड़ रुपये का प्रवाह दर्ज किया, जबकि कई डेट श्रेणियों में लगातार निकासी देखी गई।

First Published : June 4, 2020 | 11:48 PM IST