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2020 में सबसे ज्यादा विदेशी निवेश आया तो निकासी भी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 2:52 AM IST

किसी कैलेंडर वर्ष में मार्च के महीने में सबसे ज्यादा 58,632 करोड़ रुपये (7.9 अरब डॉलर) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बाजार से निकाल लिए। अब अगस्त का महीना देसी शेयरों में सबसे ज्यादा विदेशी निवेश वाला महीना बनने जा रहा है। इस महीने का एक कारोबारी सत्र बचा हुआ है और एफपीआई का कुल निवेश 47,518 करोड़ रुपये (6.4 अरब डॉलर) पर पहुंच चुका है। इससे पहले सबसे ज्यादा निवेश मार्च 2017 में हुआ था और तब रुपये के लिहाज से विदेशी निवेशकों ने 33,782 करोड़ रुपये का निवेश भारतीय बाजार में किया था। डॉलर के लिहाज से सबसे ज्यादा रकम एफपीआई ने सितंबर 2010 ने लगाई थी, जो 6.4 अरब डॉलर थी।
मार्च में हुई बिकवाली कोविड-19 महामारी के कारण शुरू हुई थी और आर्थिक गतििवधियां थम गई थी। अवधारणा में सुधार वैश्विक केंद्रीय बैंकों, खास तौर से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से प्रोत्साहन पैकेज के कारण देखने को मिला। बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि जब तक फेडरल रिजर्व ब्याज दरें नीचे रखेगा, विदेशी निवेश स्थिर रहेगा। पिछले कुछ महीनों से हुए मजबूत निवेश से निफ्टी 23 मार्च के अपने निचले स्तर से 53 फीसदी चढ़ चुका है। इससे भारतीय कंपनी जगत को इस साल रिकॉर्ड 26 अरब डॉलर की शेयर बिक्री में मदद मिली। समी मोडक और मयंक अनिवाश पटवर्धन

एसबीआई पर ब्रोकरेज का तेजी का नजरिया
सरकारी स्वामित्व वाले देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के  शेयरों को ब्रोकरेज कंपनियां अपग्रेड कर रही हैं और इनमें देसी व विदेशी दोनों ब्रोकरेज शामिल हैं। निजी बैंकों के मुकाबले आकर्षक मूल्यांकन, वित्तीय क्षेत्र में सुधरते हालात और कोविड-19 महामारी के दौर में सरकार व आरबीआई की तरफ से समय पर मदद से विश्लेषकों में भरोसा बढ़ रहा है। इसके अलावा जून 2020 की तिमाही के उत्साहजनक आंकड़ों का भी योगदान रहा है। मुंबई मुख्यालय वाले बैंक का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 81.18 फीसदी की उछाल के साथ 4,189.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 2,312.2 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही में उसका कर पूर्व लाभ 36.8 फीसदी बढ़कर 5,559.7 करोड़ रुपये रहा। बैंक ने कहा कि जून तिमाही के आखिर में मोहलत के दायरे में उसका 9.5 फीसदी कर्ज था, जो मार्च तिमाही के आखिर में 23 फीसदी रहा था।
22 मई, 2020 के हालिया निचले स्तर 150.85 रुपये के मुकाबले यह शेयर बुधवार तक बीएसई पर 39 फीसदी चढ़ा है जबकि बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यह जानकारी ऐस इक्विटी के आंकड़ों से मिली। ब्रोकरेज का मानना है कि इस शेयर में अभी और जान बाकी है। मौजूदा भाव 220 रुपये है और एक साल में उसका रिटर्न 19 फीसदी से लेकर 43 फीसदी तक रह सकता है। निकिता वशिष्ठ

First Published : August 28, 2020 | 11:26 PM IST