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अमेरिका-चीन, कोरोना की फिक्र से गिरे बाजार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 4:53 AM IST

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते टकराव के साथ साथ कोविड-19 मामलों में आ रही तेजी की वजह से निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से परहेज कर रहे हैं। यही वजह है कि मंगलवार को प्रमुख सूचकांकों में लगभग एक महीने में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी 1.8 प्रतिशत या 195 अंकों की कमजोरी के साथ 10,607 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 661 अंक या 1.8 प्रतिशत गिरकर 36,033 पर बंद हुआ जो 11 जून के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है।  बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों का ज्यादा योगदान रहा, क्योंकि बैंक निफ्टी 3.2 प्रतिशत लुढ़क गया। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाले प्रमुख 10 शेयरों में से 7 वित्तीय क्षेत्र के थे।

कई वैश्विक बाजारों में भी गिरावट आई और अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ क्योंकि निवेशक धारणा इन संकेतों से प्रभावित हुई है कि संक्रमण के दूसरे चरण से दुनियाभर में अर्थव्यवस्थाओं को पुन: खोले जाने की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। अमेरिका में कई जगहों पर गिरावट के बाद संक्रमण के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। भारत भी 10 लाख संक्रमण के आंकड़े के नजदीक पहुंचता जा रहा है।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘भारतीय बाजार स्थानीय लॉकडाउन में तेजी को लेकर चिंतित हैं जिससे फिर से व्यवसायों के लिए अनुमानित सुधार की रफ्तार मंद हो जाएगी। बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।’

निवेशक ऊंचे मूल्यांकन को लेकर भी चिंतित हैं, क्योंकि सूचकांक महामारी पूर्व ऊंचाई के आसपास कारोबार कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, सेंसेक्स 23 मार्च से  करीब 40 प्रतिशत चढ़ चुका है। निवेशक धारणा को कोविड-19 के बाद दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक प्रोत्साहन के उपायों से मदद मिली है और गिरावट वाले शेयर आकर्षक खरीदारी का अवसर बन गए हैं।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में शोध उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, ‘हम गिरावट से आश्चर्यचकित नहीं हैं, क्योंकि बाजार ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद सुस्ती का संकेत दे रहे हैं। संकेत और ज्यादा गिरावट के पक्ष में दिख रहे हैं। भारत में संक्रमण के बढ़ रहे मामलों ने कुछ हिस्सों में लॉकडाउन की आशंका बढ़ा दी है जिससे सुधार की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। हम गिरावट पर शेयर-केंद्रित कारोबारी दृष्टिकोण अपनाने और रक्षात्मक खरीदारी करने की सलाह दे रहे हैं।’

First Published : July 14, 2020 | 11:52 PM IST