आईपीओ

इस साल Reliance Jio ला सकता है सबसे बड़ा IPO, 2.5% हिस्सेदारी बेच $4 अरब जुटाने की योजना

नवंबर में निवेश बैंक जेफरीज (Jefferies) ने अनुमान लगाया था कि रिलायंस जियो का वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर है

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एजेंसियां   
Last Updated- January 09, 2026 | 5:46 PM IST

Reliance Jio IPO: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिक होने के लिए कंपनी अपनी 2.5% हिस्सेदारी बाजार में उतारेगी। यह आईपीओ 4 अरब डॉलर से ज्यादा को हो सकता है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बना सकता है।

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो की पैरेंट कंपनी है। कंपनी के पास लगभग 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। इस साल यह आईपीओ देश के सबसे ज्यादा इंतजार किए जाने वाले पब्लिक इश्यू में से एक माना जा रहा है।

Reliance Jio की वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर

नवंबर में निवेश बैंक जेफरीज (Jefferies) ने अनुमान लगाया था कि रिलायंस जियो का वैल्यूएशन 180 अरब डॉलर है। इस वैल्यूएशन पर 2.5 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से करीब 4.5 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं, जो 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ से भी कहीं बड़ा होगा।

पिछले छह वर्षों में जियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत कई नए सेक्टर्स में विस्तार किया है और केकेआर, जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे जाने-माने निवेशकों से फंड जुटाया है।

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केवल 2.5% शेयर लिस्ट करने की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के बड़े आकार को देखते हुए रिलायंस जियो के केवल 2.5 फीसदी शेयरों को ही लिस्ट करने की योजना है। यह ऐसे समय में किया जा रहा है जब बाजार नियामक सेबी ने बड़े आईपीओ लाने वाली कंपनियों के लिए न्यूनतम शेयर बिक्री की सीमा 5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल इस प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है।

इस मामले से सीधे जुड़े एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, “अगर कानून में बदलाव होता है तो इस समय 2.5 फीसदी की लिस्टिंग को ही प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि कम हिस्सेदारी बेचने से शेयर की कीमत को लेकर ज्यादा प्रतिस्पर्धा (प्राइसिंग टेंशन) बनती है।” उन्होंने यह भी बताया कि कुछ निवेश बैंकर कंपनी की वैल्यूएशन 200 से 240 अरब डॉलर के बीच आंक रहे हैं। हालांकि रिलायंस ने अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं किया है।

First Published : January 9, 2026 | 5:00 PM IST