facebookmetapixel
Advertisement
ग्रीन एनर्जी पर RIL का मेगा प्लान! जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स, कच्छ सोलर फार्म बनेंगे गेमचेंजर; बनेंगी 2 लाख नौकरियांApple यूजर्स को बड़ा झटका! महंगे हो सकते हैं iPhone, जानें वजह₹1 लाख करोड़ का बिजनेस, JIO IPO, Ajio और JioMart का विस्तार: ईशा अंबानी ने बताया RCPL का फ्यूचर प्लानITR filing: फॉर्म 16 से गायब रह सकती हैं ये 10 तरह की कमाई, ITR फाइल करते समय भूलना पड़ सकता है भारीRIL AGM 2026: जामनगर बनेगा दुनिया की पहली ऑटोनॉमस रिफाइनरी, पश्चिम एशिया संकट में 4 गुना बढ़ाई LPG सप्लाईReliance AGM में बोलीं ईशा अंबानी: रिलायंस रिटेल ने FY26 में रचा इतिहास, जियोमार्ट बना सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्कUS-Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर लगा ब्रेक, क्या फिर भड़क सकता है पश्चिम एशिया?सोने की कीमतों में और गिरावट का खतरा, 4000 डॉलर तक फिसल सकता है भाव: प्रवीण सिंहजियो की बड़ी तैयारी! हर कॉल में होगा AI, भारत का अपना सैटेलाइट नेटवर्क भी बनेगाजियो का 5 साल का प्लान: AI, 5G और 6G पर बड़ा दांव

Indian IT Stocks: एक्सेंचर के सतर्क अनुमान ने भारतीय आईटी शेयरों में अल्पकालिक चिंता बढ़ाई

Advertisement

एक्सेंचर के वित्त वर्ष 2026 के राजस्व अनुमान ने भारतीय आईटी शेयरों में अल्पकालिक अस्थिरता पैदा की, जिससे निवेशकों ने सतर्क होकर निफ्टी आईटी इंडेक्स में बिकवाली की

Last Updated- September 26, 2025 | 10:58 PM IST
PSU Stocks
प्रतीकात्मक तस्वीर

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान एक्सेंचर की सतर्क प्रबंधन टिप्पणी ने दलाल पथ के विश्लेषकों को निकट भविष्य में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों के प्रति सतर्क कर दिया है।

25 सितंबर को वैश्विक कंसल्टेंसी फर्म (जिसमें भारतीय आईटी कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा काम करता  है) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 2 से 5 फीसदी की राजस्व वृद्धि का अनुमान दिया। इसमें अमेरिकी फेडरल की वजह से 1 से 1.5 फीसदी की बाधा और 1.5 फीसदी विलय-अधिग्रहण योगदान शामिल है। एक्सेंचर का वित्त वर्ष सितंबर से शुरू होकर अगस्त तक चलता है।

वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के लिए प्रबंधन ने स्थिर मुद्रा (सीसी) में 1 से 5 फीसदी की सालाना राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 26 का समायोजित परिचालन मार्जिन 15.7 से 15.9 फीसदी रहेगा।

एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों के अनुसार एक्सेंचर के वित्त वर्ष 26 के अनुमान में ऊपरी स्तर पर विवेकाधीन खर्चों में कोई सुधार नहीं होने की संभावना है। उन्होंने कहा, वास्तव में इसमें निचले स्तर पर और गिरावट का अनुमान है। 

विश्लेषकों ने कहा कि डबलिन मुख्यालय वाली आईटी कंपनी का रुढ़िवादी दृष्टिकोण भारतीय आईटी क्षेत्र के लिए चिंताजनक तस्वीर पेश करता है जो एच-1बी वीजा शुल्क वृद्धि जैसे संरक्षणवादी उपायों के बढ़ते जोखिम और वृहद अनिश्चितताओं के बीच ग्राहकों का खर्च के प्रति सतर्क व्यवहार से परेशान है। 

शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन के निचले स्तर के करीब टिका। एनएसई पर यह 2.45 फीसदी टूटकर 33,702 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी-50 में 0.95 फीसदी की गिरावट आई। 

इस इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर टूटकर बंद हुए। ओरेकल फाइनैंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर, एलटीआईमाइंडट्री, कोफोर्ज, परसिस्टेंट सिस्टम्स, टेक महिंद्रा और एम्फैसिस में 2.5 फीसदी से लेकर 4 फीसदी की गिरावट आई। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने कहा, एक्सेंचर के चौथी तिमाही के आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे। लेकिन मांग को लेकर की गई टिप्पणियां पूरी तरह से अनिश्चित रहीं। ऊपरी अनुमान वृहद आर्थिक परिदृश्य में शून्य सुधार की बात कहता है जबकि निचला अनुमान आगे और गिरावट की आशंका जताता है। भारतीय संदर्भ में आईटी सेवाओं का राजस्व और टिप्पणियां एक्सेंचर जैसी स्थिरता जाहिर कर सकती हैं। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही की कमाई काफी हद तक सुस्त रहने की संभावना है।

एक्सेंचर के चौथी तिमाही के नतीजे

एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 7.3 फीसदी की सालाना वृद्धि के साथ 17.6 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया। यह स्थिर मुद्रा में 4.5 फीसदी की सालाना वृद्धि थी और इसकी अनुमानित सीमा के ऊपरी छोर के करीब थी। 

सेगमेंट के हिसाब से परामर्श राजस्व 6 फीसदी सालाना वृद्धि के साथ 8.8 अरब डॉलर (स्थिर मुद्रा में सालाना आधार पर 3 फीसदी की वृद्धि) पर पहुंच गया जबकि प्रबंधित सेवाओं का राजस्व 8 फीसदी सालाना वृद्धि के साथ 8.8 अरब डॉलर (स्थिर मुद्रा में सालाना आधार पर 6 फीसदी की वृद्धि) हो गया। वित्तीय सेवाओं (स्थिर मुद्रा में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि) ने उद्योगों की राजस्व वृद्धि में अग्रणी भूमिका निभाई।

एक्सेंचर ने नई बुकिंग में सालाना आधार पर 6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इसका बुक-टू-बिल अनुपात (जो बुक किए गए नए ऑर्डर के मूल्य की तुलना दी की गई सेवाओं के मूल्य से करता है) वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में करीब 1.2 गुना रहा।

लंबी अवधि का दांव

इसके बावजूद विश्लेषकों का मानना ​​है कि लंबी अवधि में इस क्षेत्र में बदलाव देखने को मिलेगा, बशर्ते कि खासकर अमेरिका में व्यापक आर्थिक स्थिरता के स्पष्ट संकेत दिखाई दें। नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज़ की राय में एक्सेंचर की राजस्व वृद्धि (जो चौथी तिमाही में प्रबंधित सेवाओं (आउटसोर्सिंग) से संचालित है) भारतीय आईटी कंपनियों के लिए मौका मुहैया कराती है। 

रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि हम भारतीय आईटी के लिए परिणामों को तटस्थ मानते हैं, लेकिन कमजोर और अनिश्चित आर्थिक हालात से प्रभावित अल्पावधि की अस्थिरता को देखते हुए हम मध्यम से दीर्घ अवधि में सकारात्मक बने हुए हैं तथा आर्थिक माहौल में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

एमके ग्लोबल ने इन्फोसिस, टीसीएस, एलटीआईमाइंडट्री, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा को शीर्ष दीर्घकालिक दांव के रूप में चुना है। नोमूरा ने वित्तीय सेवा क्षेत्र में स्थिर विकास की उम्मीद में इन्फोसिस, कोफोर्ज और फर्स्टसोर्स पर दांव लगाया है। 

Advertisement
First Published - September 26, 2025 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement