HDFC बैंक के शेयर मंगलवार के इंट्रा-डे कारोबार में BSE पर लगभग 4 प्रतिशत गिरकर 52 सप्ताह के निचले स्तर 1,425.05 रुपये पर पहुंच गए। देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक का शेयर प्रैस 26 अक्टूबर, 2023 के पिछले लो लेवल 1,460.55 रुपये से भी नीचे गिर गया।
बीएसई डेटा से पता चलता है कि अब यह अक्टूबर 2022 (एचडीएफसी विलय से पहले) के बाद से बैंक के शेयर का सबसे निचले स्तर पर है।
चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के निराशाजनक आंकड़ों की रिपोर्ट के बाद पिछले एक सप्ताह में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Mcap) के मार्केट कैप में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) की अगुवाई में तेज बिकवाली के कारण एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 1.9 ट्रिलियन रुपये कम हो गया है। दिसंबर तिमाही के अंत में विदेशी संस्थागत के पास एचडीएफसी बैंक में 52.3 फीसदी हिस्सेदारी थी।
NSDL के डेटा से पता चलता है कि एफपीआई ने पिछले दो कारोबारी दिनों में 20,155 करोड़ रुपये (2.4 बिलियन डॉलर) के शेयर बेचे। यह 2008 की शुरुआत के बाद से विदेशी फंडों से पांचवीं सबसे बड़ी साप्ताहिक निकासी और मार्च 2020 के आखिरी सप्ताह के बाद से सबसे बड़ी निकासी है।
पिछले सप्ताह की निकासी मुख्य रूप से एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में बिकवाली के कारण थी, जो कि सबसे अधिक एफपीआई एक्सपोजर वाला स्टॉक है।
चालू वित्त वर्ष 2023-24 की दिसंबर तिमाही में टोटल एसेट पर एचडीएफसी बैंक का मुख्य नेट ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 3.4 प्रतिशत था और ब्याज अर्जित करने वाली संपत्ति पर इसका एनआईएम 3.6 प्रतिशत था। जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में दोनों एनआईएम स्थिर थे।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि एनआईएम के निचले स्तर पर पहुंचने की संभावना के बावजूद, विस्तार के कारक पूर्वानुमान से धीमे लग रहे हैं।
दोपहर 2:45 बजे HDFC बैंक का शेयर 3.23 प्रतिशत या 47.75 रुपये की गिरावट लेकर 1430.90 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है।