facebookmetapixel
Advertisement
सरकार का बड़ा कदम: खुदरा पंपों से थोक डीजल खरीद पर रोक, कालाबाजारी रोकने के लिए नई पाबंदियां लागूविनिवेश पर पुनर्विचार के बीच शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को मिलेगा रणनीतिक रोल, समुद्री क्षेत्र में बड़ी सरकारी योजनातेल कीमतों में नरमी और डॉलर कमजोर होने से रुपया मजबूत, 95 से नीचे आयाStock Market: जंग थमने के संकेत से बाजार को करार, सेंसेक्स-निफ्टी में दो महीने की सबसे बड़ी छलांगघटी यील्ड और बेहतर लिक्विडिटी से कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में जोरदार तेजी, ₹27,000 करोड़ की भारी फंडिंगमजबूत रीस्टॉकिंग और ऊंची पीवीसी कीमतों से पाइप सेक्टर को Q4 में बूस्ट, लेकिन अगली तिमाही में दबाव बढ़ासराफा बाजार में सोने और चांदी में उछाल, सोना का भाव ₹1.56 लाख, चांदी ₹2.55 लाख परअमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दावे से दुनिया भर में शेयर बाजर चढ़े, तेल की कीमतें घटींसेबी की नई योजना: पूंजी बाजार को मजबूत करने के लिए शॉर्ट सेलिंग, एआई और बॉन्ड डेरिवेटिव पर फोकसशांति की उम्मीदों से कच्चे तेल में नरमी, विश्लेषकों ने घटाए कीमतों के अनुमान

AGM से पहले टीडी पावर पर चिंता

Advertisement

प्रवर्तकों ने शेयरधारिता विवाद के बीच 24 प्रतिशत इ​क्विटी घटाई है

Last Updated- August 06, 2023 | 10:12 PM IST
Concerns over TD Power ahead of AGM

वोटिंग एडवाइजरी फर्म इनगवर्न रिसर्च ने इले​क्ट्रिकल उपकरण निर्माता टीडी पावर सिस्टम्स को लेकर प्रशासनिक चिंता जताई है। बुधवार को टीडी पावर की सालाना आम बैठक (AGM) होने वाली है। इनगवर्न ने शेयरधारकों को बेंगलूरु की इस कंपनी से प्रवर्तक समूह और विजय किर्लोस्कर (जिन्होंने 1999 में कंपनी की स्थापना की) के बीच मौजूदा स्वामित्व विवाद पर स्पष्टीकरण मांगने का सुझाव दिया है।

पिछले महीने कर्नाटक उच्च न्यायालय ने किर्लोस्कर द्वारा याचिका पेश किए जाने के बाद टीडी पावर सिस्टम्स के चेयरमैन और कई अन्य को कंपनी के शेयर स्थानांतरण से प्रतिबं​धित कर दिया।

Also read: आने वाले हफ्ते में तिमाही नतीजों, RBI की बैठक, वैश्विक रुझानों पर रहेगी बाजार की नजर

किर्लोस्कर इलेक्ट्रिक कंपनी के चेयरमैन किर्लोस्कर ने 2.51 करोड़ शेयरों के स्वामित्व का दावा किया है और इस तरह से टीडी पावर में उनकी 16.1 प्रतिशत इ​क्विटी हिस्सेदारी है।

इनगवर्न ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘कंपनी को एजीएम से पहले अपने शेयरधारकों के समक्ष उस कानूनी मामले के बारे में पूरी तरह से खुलासा करना चाहिए, जो विजय किर्लोस्कर और अन्य द्वारा मोहिब खरीचा, नि​खिल कुमार, कंपनी और अन्य प्रवर्तकों के ​खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय में चलाया गया है।’

Advertisement
First Published - August 6, 2023 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement