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IPO से पहले BoAt की मुश्किलें बढ़ीं, ऑडिट में निकली हिसाब-किताब की बड़ी गड़बड़ी

IPO से पहले BoAt की पैरेंट कंपनी Imagine Marketing के खातों में ऑडिट ने दिखाई कई गंभीर कमियां

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- December 12, 2025 | 8:06 AM IST

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड BoAt की मालिक कंपनी Imagine Marketing ने बताया है कि उसके ऑडिट करने वाली कंपनी ने उसके पैसों के हिसाब-किताब में कुछ गंभीर कमियां पाई हैं। यह बात कंपनी ने अपने IPO से जुड़े दस्तावेज में लिखी है। यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब गुरुग्राम की यह कंपनी दूसरी बार IPO लाने की तैयारी कर रही है।

ऑडिट करने वाली कंपनी BSR & Co LLP की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2023, 2024 और 2025 में कंपनी ने बैंकों को जो हिसाब-किताब दिया, वह उसके अपने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था। इसके अलावा, 2023 और 2024 में कंपनी ने थोड़े समय के लिए लिया गया कर्ज अपनी दूसरी कंपनियों की लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किया।

सब्सिडियरी कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर सवाल

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनी की दो विदेशी सब्सिडियरी- Kaha Pte Ltd और Imagine Marketing Singapore Pte Ltd की देनदारियों को समय पर चुकाने की क्षमता को लेकर FY23 और FY24 में अपने कर्ज और बाकी बकाया रकम समय पर चुकाने के लिए पर्याप्त पैसे हैं या नहीं, इसको लेकर साफ स्थिति नहीं थी। इससे इन कंपनियों की आर्थिक हालत पर सवाल उठते हैं।

कानूनी और अनुपालन से जुड़ी कमियां

रिपोर्ट में कुछ और कमियां भी बताई गई हैं। इसमें कहा गया है कि साल FY23 में कंपनी के बड़े अधिकारियों को तय सीमा से ज्यादा सैलरी दी गई, जो कानून के खिलाफ है। इसके अलावा, FY23 और FY25 में सरकार को देने वाले कुछ टैक्स और दूसरी रकम समय पर जमा नहीं की गई। ऑडिट करने वालों ने यह भी पाया कि कंपनी की दूसरी इकाइयों ने अपने खातों का जरूरी कंप्यूटर बैकअप भारत में बने सर्वरों पर सुरक्षित नहीं रखा।

एसेट वेरिफिकेशन और निवेश खुलासों से जुड़ी बातें

ऑडिटर्स के मुताबिक, FY23 में वेरिफिकेशन पॉलिसी में बदलाव के कारण कंपनी ने प्रॉपर्टी, प्लांट और इक्विपमेंट का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं कराया। इसके अलावा, FY23 से FY25 के बीच सिंगापुर वाली कंपनी के जरिए दूसरी कंपनी Kaha Pte Ltd में किए गए निवेश की पूरी जानकारी नियमों के अनुसार सार्वजनिक करने की जरूरत बताई गई है।

कंपनी की सफाई और सुधारात्मक कदम

UDRHP में कंपनी ने कहा है कि उसने इन समस्याओं को ठीक करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। जैसे, डायरेक्टरों को ज्यादा सैलरी देने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी ली गई है और हिसाब-किताब को ज्यादा सही बनाने की कोशिश की गई है। लेकिन कंपनी ने यह भी माना है कि आगे आने वाली ऑडिट रिपोर्टों में ऐसी बातें फिर से सामने आ सकती हैं।

BoAt IPO का ढांचा और फंड का उपयोग

BoAt शेयर बाजार में आने के लिए IPO के जरिए कुल ₹1,500 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें से ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे और ₹1,000 करोड़ के शेयर पुराने निवेशक बेचेंगे। जिन लोगों और कंपनियों के शेयर बिकेंगे, उनमें प्रमोटर अमन गुप्ता, समीर अशोक मेहता और साउथ लेक इन्वेस्टमेंट, साथ ही निवेशक Fireside Ventures और Qualcomm Ventures शामिल हैं।

नए शेयरों से मिलने वाले पैसों में से ₹225 करोड़ रोजमर्रा के कामकाज के लिए और ₹150 करोड़ ब्रांड के प्रचार और विज्ञापन पर खर्च किए जाएंगे। बाकी पैसा कंपनी अपने सामान्य कामों में लगाएगी। इस IPO के लिए MUFG Intime India रजिस्ट्रार है, जबकि ICICI Securities, Goldman Sachs, JM Financial और Nomura इस इश्यू को संभालने वाली प्रमुख कंपनियां हैं।

First Published : December 12, 2025 | 7:29 AM IST