Categories: बाजार

आरबीआई की राहत के बीच विश्लेषकों का यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र पर दांव

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:01 AM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को उन क्षेत्रों के लिए 15,000 करोड़ रुपये के नकदी समर्थन की घोषणा की, जो कोविड-19 महामारी, खासकर इसकी दूसरी लहर से ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में यात्रा, पर्यटन, होटल, विमानन और सैलून मुख्य रूप से शामिल है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम आरबीआई की उन योजनाओं में पहला साबित हो सकता है जिनकी घोषणा केंद्रीय बैंक द्वारा आगे चलकर की जा सकती है।
इस घोषणा के बाद, होटल, रेस्त्रां और उनसे संबद्घ व्यावसायिक कंपनियों के शेयरों में बीएसई पर दिन के कारोबार में 10 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
कुछ खास शेयरों की बात की जाए तो इंडियन होटल्स 143.75 रुपये की 52 सप्ताह की ऊंचाई पर पहुंच गया, जो 6 प्रतिशत तक की तेजी है। उसके कारोबार में करीब दो गुना तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, रॉयल ऑर्किड होटल्स, ताज जीवीके होटल्स ऐंड रिजॉट्र्स, लेमन ट्री होटल्स, यूनाइटेड बु्रअरीज, ग्लोबस स्पिरिट्स, यूनाइटेड स्पिरिट्स और रेडिको खेतान भी तेजी दर्ज करने वाले शेयर रहे।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘नियामक ने चरणबद्घ तरीके से राहत उपायों की घोषणा की है, इसलिए यह घोषणा का पहला चरण हो सकता है। इसलिए, जरूरत पडऩे पर, आरबीआई और ज्यादा राहत उपायों की घोषणा कर सकता है।’ उनका कहना है कि, केंद्रीय बैंक का मकसद उन क्षेत्रों को सहायता प्रदान करना है, जो गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, लेकिन उन्हें अर्थव्यवस्था के खुलने से लाभ मिलेगा।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरांग शाह का कहना है कि आरबीआई ने जरूरतमंद क्षेत्रों को सहायता मुहैया कराई है। उदाहरण के लिए, उसने मई में फार्मास्युटिकल उद्योग को राहत प्रदान की, जिससे यह भरोसा पैदा हुआ कि कई और क्षेत्रों को राहत दी जा सकती है।
उनका कहना है, ‘सभी विकल्पों को खोलने के बजाय, आरबीआई और सरकार संयुक्त रूपा से एक समय में एक कदम उठा रहे हैं और चरणबद्घ तरीके से हालात का आकलन कर रहे हैं। इसलिए इसे राहत उपायों के अंत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।’
संपर्क-केंद्रित क्षेत्रों पर महामारी की दूसरी लहर के विपरीत प्रभाव को दूर करने के प्रयास में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 15,000 करोड़ रुपये की अलग तरलता विंडो की घोषणा की है, जिसका लाभ 31 मार्च, 2022 तक उठाया जा सकेगा।
दास ने कहा, ‘इस योजना के तहत, बैंक होटलों और रेस्तराओं, पर्यटन- ट्रेवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और एडवेंचर/हेरिटेज इकाइयों, विमानन एंसियिरी सेवाओं और अन्य सेवाओं को ताजा उधारी सहायता मुहैया करा सकते हैं।’
उन्होंने कहा कि बैंकों को रीपो दर के मुकाबले 25 आधार कम की दर पर रिवर्स रीपो विंडो के तहत अपनी अधिशेष नकदी इस योजना के तहत अपनी ऋण बुक का दायरा बढ़ाने में इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।
उद्योग संगठन सीएपीए के अनुसार, भारतीय एयरलाइनों को इस वित्त वर्ष में 4.1 अरब डॉलर का समेकित नुकसान होने की आशंका है, यह 2020-21 में हुए नुकसान के अनुमान के समान है। इस तरह से दो वर्षों का कुल नुकसान लगभग 8 अरब डॉलर होगा।

First Published : June 4, 2021 | 11:46 PM IST