कंपनियां

IT कंपनियों के लिए खतरे की घंटी? पुराना मॉडल दबाव में

क्लाउड और AI की तेज रफ्तार के बीच मैनेज्ड सर्विसेज की ग्रोथ थमी, 2020 के बाद सबसे सुस्त साल

Published by
देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- January 16, 2026 | 11:12 AM IST

IT Companies Outlook: भारतीय आईटी सर्विसेज सेक्टर इस वक्त बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां नई तकनीकें और क्लाउड आधारित सेवाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं पारंपरिक मैनेज्ड सर्विसेज की रफ्तार थमती नजर आ रही है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, ISG इंडेक्स 4QCY25 यह दिखाता है कि ग्रोथ का केंद्र अब धीरे-धीरे मैनेज्ड सर्विसेज से हटकर As-a-Service यानी क्लाउड और प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं की ओर जा रहा है।

कुल बाजार का हाल

ISG के अनुसार, चौथी तिमाही में मैनेज्ड सर्विसेज का सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 10.9 अरब डॉलर रहा, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है, लेकिन सालाना आधार पर इसमें खास बढ़त नहीं हुई। इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी आउटसोर्सिंग में कमजोरी रही। हालांकि, बीपीओ और इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट में आई बढ़त ने बाजार को कुछ हद तक संभाले रखा। कुल मिलाकर, पूरे बाजार का संयुक्त कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 34.3 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 16% ज्यादा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान क्लाउड आधारित सेवाओं का रहा।

2025 में क्यों सुस्त रही मैनेज्ड सर्विसेज

रिपोर्ट बताती है कि पूरे 2025 में मैनेज्ड सर्विसेज की बढ़त सिर्फ 1.3% रही, जो 2020 के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन है। बड़ी डील्स की कमी, छोटी डील्स में अनिश्चितता और कीमतों पर लगातार दबाव के चलते कंपनियां नए बड़े फैसले लेने से बचती रहीं। इसके उलट क्लाउड और As-a-Service बाजार ने 29% की तेज बढ़त दर्ज की और आईटी कंपनियों के लिए ग्रोथ का मजबूत सहारा बना।

अमेरिका और यूरोप की IT Companies की स्थिति

इलाकों के हिसाब से देखें तो अमेरिका में हालात अच्छे रहे। वहां आईटी कामकाज की मांग ठीक रही, बैंक और वित्त से जुड़े काम में सुधार आया और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स चलते रहे, जिससे बाजार को सहारा मिला। यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में भी चौथी तिमाही में थोड़ी तेजी दिखी, जिससे 2026 की बेहतर शुरुआत को लेकर उम्मीद बनी है। हालांकि यूरोप में अभी पूरी तरह से मजबूती नहीं आई है और हालात पूरी तरह सुधरे नहीं हैं।

सेक्टर के हिसाब से उतार-चढ़ाव

मैनेज्ड सर्विसेज में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाला बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का सेक्टर सालाना आधार पर 20% गिरा। इसके उलट ऊर्जा सेक्टर ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और सालाना 72% की बढ़त दर्ज की। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कमजोर बना रहा, जबकि रिटेल और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान से जुड़े सेक्टरों में भी दबाव देखने को मिला। यात्रा, परिवहन और पर्यटन से जुड़े सेक्टर में हालांकि हल्की बढ़त दर्ज की गई।

आईटी आउटसोर्सिंग, इंजीनियरिंग और बीपीओ

आईटी आउटसोर्सिंग में लगातार दूसरी तिमाही गिरावट दर्ज की गई, जिससे मैनेज्ड सर्विसेज पर दबाव और बढ़ गया। इसके मुकाबले इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेगमेंट में मजबूत रुझान दिखा और सालाना आधार पर 28% की बढ़त दर्ज की गई। इस सेगमेंट में टीसीएस, एचसीएल टेक, इंफोसिस और विप्रो जैसी कंपनियों की बड़ी भूमिका रही। बीपीओ सेगमेंट में चौथी तिमाही में सुधार के संकेत जरूर मिले, लेकिन पूरे 2025 में यह बाजार दबाव में ही रहा और ग्रोथ कुछ चुनिंदा उद्योगों तक सीमित रही।

IT Companies का 2026 का अनुमान और आगे की राह

ISG का अनुमान है कि 2026 में मैनेज्ड सर्विसेज की बढ़त सीमित रहकर करीब 2.1% रह सकती है, जबकि क्लाउड आधारित सेवाएं करीब 20% की रफ्तार से बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आईटी सर्विसेज की मांग को बदल रहा है। जहां एक तरफ यह क्लाउड, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं को आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह पारंपरिक, लेबर आधारित मैनेज्ड सर्विसेज के बिजनेस मॉडल और मुनाफे पर दबाव भी बना रहा है। कुल मिलाकर, आने वाले समय में वही कंपनियां आगे रहेंगी जो इस बदलाव के साथ खुद को तेजी से ढाल पाएंगी।

First Published : January 16, 2026 | 11:12 AM IST