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मैरिको : प्रस्तावों के ​खिलाफ मतदान की सलाह

Last Updated- December 11, 2022 | 5:06 PM IST

स्टेकहोल्डर्स एम्पावरमेंट सर्विसेज (एसईएस) ने मैरिको के शेयरधारकों को कंपनी की वा​र्षिक आम बैठक (एजीएम) में दो प्रस्तावों के ​खिलाफ मतदान करने की सलाह दी है। इन प्रस्तावों में कंपनी के निदेशक पद पर हर्ष मारीवाला की दोबारा नियु​क्ति और कॉस्ट ऑडिटरों को देय पारिश्रमिक का अनुमोदन शामिल हैं। एसईएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गैर-कार्यकारी प्रवर्तक चेयरमैन मारीवाला को बतौर कमीशन 3.94 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं जबकि अन्य दो प्रवर्तक निदेशकों को कमीशन के तौर पर महज 0.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। उसने यह भी कहा है कि मारीवाला को देय कमीशन बोर्ड में शामिल अन्य  गैर-कार्यकारी निदेशकों भुगतान किए जाने वाले औसत कमीशन के मुकाबले 10 गुना से भी अ​धिक है।

एसईएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘हर्ष मारीवाला को कमीशन के तौर पर 3.94 करोड़ रुपये दिए जाते हैं जो कुल 6.77 करोड़ रुपये के कमीशन का करीब 58 फीसदी यानी एक बड़ा हिस्सा है।’ एफएमसीजी कंपनी ने 30 अगस्त 2021 को आयोजित अपनी पिछली वार्षिक आम बैठक में बोर्ड के चेयरमैन एवं गैर-कार्यकारी निदेशक मारीवाला को वित्त वर्ष 2021-22 में पारिश्रमिक के भुगतान के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी थी।

मैरिको के प्रवक्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड के एक ईमेल के जवाब में कहा, ‘मैरिको के संस्थापक और बोर्ड के चेयरमैन हर्ष मारीवाला ने कंपनी की दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार करने मार्गदर्शन, बोर्ड की प्रभावकारिता में सुधार और सीएसआर कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वित्त वर्ष 2022 के लिए मारीवाला के पारिश्रमिक को 2021 में आयोजित 33वीं वा​र्षिक आम बैठक में शेयरधारकों द्वारा मंजूरी दी गई थी। यह कंपनी अधिनियम 2013 और सेबी सूचीबद्धता विनियमों के लागू प्रावधानों के अनुपालन और बोर्ड के चेयरमैन के तौर पर उनकी भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप है।’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बोर्ड 31 मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए कॉस्ट ऑडिटर मेसर्स अ​श्विन सोलंकी ऐंड एसोसिएट्स को 10 लाख रुपये प्रति वर्ष शुल्क के भुगतान के लिए भी मंजूरी चाहता है। लेकिन एसईएस ने अपनी रिपोर्ट में शेयरधारकों को इस प्रस्ताव के ​खिलाफ मतदान करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अकेले कॉस्टट ऑडिटर के प्रस्तावित ऑडिट शुल्क का खुलासा करना अप्रासंगिक हो जाता है क्योंकि ऐसे में शेयरधारक कॉस्ट ऑडिट की तुलना नहीं कर पाते हैं। मौजूदा मामले में मैरिको ने कारोबार के उस हिस्से का खुलासा नहीं किया है जो कॉस्ट ऑडिट से संबं​धित है। इसलिए एसईएस का मानना है कि कंपनी का कुल कारोबार कॉस्ट ऑडिट से संबं​धित है।

First Published - August 4, 2022 | 10:54 AM IST

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