facebookmetapixel
Advertisement
बड़ा झटका: खरीदार न मिलने से 9 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी रद्द, निवेशकों ने नहीं दिखाई रुचिपश्चिम एशिया में सीजफायर के बाद सरकार का बड़ा फैसला: नेचुरल गैस सप्लाई पर पाबंदियां हटीं, वापस लिया इमरजेंसी ऑर्डरएक शेयर पर ₹75 का डिविडेंड! इंटीरियर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेउत्तर-पश्चिम भारत की तरफ तेजी से बढ़ा मानसून, अगले 4 दिनों में इन राज्यों को पूरी तरह भिगोने की तैयारीE20 फ्यूल से गाड़ी का इंजन खराब होगा और माइलेज कम मिलेगा? इस मुद्दे पर ऑटो दिग्गजों ने रखा अपना पक्षकिसानों को बड़ी राहत! सरकार ने प्याज की सरकारी खरीद कीमत 13.3% बढ़ाई, अब मिलेगा यह नया भावक्या कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के बाद भी आपको हॉस्पिटल को देना पड़ा पैसा? एक्सपर्ट से जानिए इसकी असली वजहDividend Stocks: अगले हफ्ते एक्सिस बैंक, टाटा, JSW समेत 45 कंपनियां बाटेंगी बंपर मुनाफा, नोट करें रिकॉर्ड डेटटेलीग्राम पर सरकार का सख्त, फिल्मों-वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटममुफ्त शेयरों की बरसात! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेट

Active Momentum Fund: दो फंड हाउस ऐक्टिव मोमेंटम फंड लाने की तैयारी में

Advertisement

ऐक्टिव मोमेंटम फंडों के जरिए बाजार के उतार-चढ़ाव से लाभ उठाने की कोशिश, सैमको के फंड मैनेजर ने बताया ऐक्टिव दृष्टिकोण का लाभ।

Last Updated- September 05, 2024 | 10:47 PM IST
कम जोखिम, ज्यादा रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए सही Conservative hybrid funds: Perfect for investors looking for low risk, high returns

आने वाले महीनों में दो प्रमुख फंड हाउस निप्पॉन इंडिया और ऐक्सिस के ऐक्टिव मोमेंटम फंड लाए जाने की संभावना है। इस समय इस तरह का सिर्फ एक ही ऐक्टिव मोमेंटम फंड है और वह सैमको म्युचुअल फंड का है। कई अन्य फंडों के पास पैसिव खंड में मोमेंटम आधारित फंड हैं।

इन पैसिव फंडों ने बाजार में तेजी के बीच पिछले कुछ वर्षों में दमदार प्रदर्शन किया है। उदाहरण के लिए निफ्टी 200 मोमेंटम 30 सूचकांक ने पिछले एक साल में 65 प्रतिशत का रिटर्न दिया है जबकि निफ्टी-500 के लिए यह आंकड़ा 38 प्रतिशत रहा। मोमेंटम निवेशकों का मानना है कि एक बार जब कोई ट्रेंड बन जाता है, चाहे वह ऊपर की ओर हो या नीचे की तो यह एक निश्चित अवधि तक रहता है।

इसलिए वे ऊपर जाते शेयरों में पोजीशन लेकर बाजार के उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। सैमको में फंड प्रबंधक और शोध प्रमुख पारस मटालिया ने ऐक्टिव और पैसिव मोमेंटम फंडों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐक्टिव दृष्टिकोण से जुड़ा नियंत्रण और लचीलापन बेहतर प्रदर्शन हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘ऐक्टिव फंड बाजार में गिरावट के दौरान शुद्ध इक्विटी जोखिम को कम करके गिरावट से बचा सकते हैं। यह दृष्टिकोण उसी समय पर पुनर्संतुलन में सक्षम बनाता है जबकि पैसिव फंडों के मामले में 6 माह की नियत अवधि के कारण ऐसा नहीं है।’ मटालिया के अनुसार ऐक्टिव फंडों को स्टॉक जगत और पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या चुनने की भी स्वतंत्रता होती है।

फंड शुरू करने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ऐक्सिस फंड ने दस्तावेज सौंपा है जिसके अनुसार उसका ऐक्टिव मोमेंटम फंड अपने मात्रात्मक मॉडल के आधार पर पोर्टफोलियो बनाएगा लेकिन अंतिम निर्णय फंड मैनेजर ही लेगा। निप्पॉन ने फंड का प्रबंधन क्वांटिटेटिव मॉडल के माध्यम से करने की योजना बनाई है।

Advertisement
First Published - September 5, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement