facebookmetapixel
Zomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्क

‘2 माह में भरे जाएं उपभोक्ता फोरम के पद’

Last Updated- December 11, 2022 | 5:16 PM IST

देश भर में उपभोक्ता मंचों में रिक्तियों और बुनियादी ढांचे की स्थिति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने राज्यों को रिक्त पद भरने के लिए 2 माह का वक्त दिया है।
वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने हर राज्य में मौजूदा रिक्तियों के बारे में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और एमएम सुंदरेश के पीठ को जानकारी दी। वरिष्ठ वकील ने कहा कि कई राज्यों को न्यायिक पदों को भरना मुश्किल हो रहा है क्योंकि योग्य उम्मीदवारों की कमी है।
उन्होंने कहा कि राज्यों के स्तर पर यह नियम है कि राज्य मंच का नेतृत्व उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे, ऐसे में छोटे राज्यों के लिए पदों को भरना मुश्किल हो रहा है। अरुणाचल प्रदेश के वकील ने कहा कि बड़ी संख्या में पद हैं, जबकि सिर्फ 4 मामले लंबित हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि अरुणाचल प्रदेश इस नियम का अपवाद है।
शंकरनारायण ने कहा, ‘बिहार एक मसला दिख रहा है. तमाम राज्यों में अभ्यर्थियों की उपलब्धता न होना अवरोध है।

First Published - July 27, 2022 | 1:09 AM IST

संबंधित पोस्ट