ऑक्सफर्ड-ऐस्ट्राजेनेका की ब्रिटेन की इकाई ने कोविड-19 टीके का मानव परीक्षण को फिलहाल रोक दिया है, वहीं भारत में भी देश के औषधि नियामक से दोबारा परीक्षण शुरू करने की मंजूरी मिलने तक परीक्षण बंद रहेगा। भारतीय औषधि नियंत्रक महानिदेशालय (डीसीजीआई) ब्रिटेन और भारत में डेेटा एवं सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीएसएमबी) से जानकारी प्राप्त होने के बाद इस बारे में निर्णय करेगा।
सूत्रों के अनुसार करीब 100 लोगों को टीके (कोविशील्ड) की पहली डोज दी गई थी और डीएसएमबी द्वारा सुरक्षा डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। डीएसएमबी से परीक्षण पर आगगे बढऩे की अनुमति मिले बगैर टीके की दूसरी डोज नहीं दी जाएगी। इस बीच, ब्र्रिटिश-स्वीडिश दवा कंपनी ऐस्ट्राजेनेका ने मंगलवार को इस टीके के परीक्षण को बंद करने का निर्णय किया था, क्योंकि जिन लोगों को यह टीका लगाया गया था उनमें से एक व्यक्ति बीमार हो गया था।
कोविशील्ड के लिए 17 परीक्षण स्थल में से एक सरकारी अस्पताल के वरिष्ठ जांचकर्ता ने कहा, ‘डीसीजीआई से मंजूरी मिलने के बाद ही हम परीक्षण को दोबारा चालू करेंगे। नियामक ब्रिटेन और भारत में अब तक परीक्षण से जुटाए आंकड़े का विश्लेषण करेगा और फिर निर्णय लेगा।’ परीक्षण में शामिल प्रतिभागियों को पहले चरण में टीका लगाया गया था और इसके 28 दिन बाद उन्हेें दूसरी बार टीका लगाया जाना है। ऐसे में क्या परीक्षण की कवायद पटरी से उतर सकती है, पूछने पर जांचकर्ता ने कहा कि ऐसा हो सकता है लेकिन यह जांच के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर दूसरी डोज की तिथि को थोड़ा आगे बढ़ाया जाता है, तो इससे ज्यादा समस्या नहीं होगी।
सीरम इंस्टीट्यूट के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और भारत में परीक्षण को ऐस्ट्राजेनेका के परीक्षण शुरू होने तक स्थगित रखा जाएगा। इस बारे में अधिक जानकारी के आप डीसीजीआई से संपर्क कर सकते हैं।’ सीरम भारत में ऐस्ट्राजेनेका की साझेदार है और ब्रिटेन की कंपनी को कोविशील्ड की एक अरब खुराक की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्घ है। कंपनी ने भारत में अपनी विनिर्माण क्षमता 1.5 अरब खुराक से बढ़ाकर 2020 के अंत तक 1.9 अरब खुराक करने की तैयारी कर रही है।