राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होने के दूसरे दिन रविवार को छह राज्यों में टीकाकरण अभियान चलाया गया। इन राज्यों में 553 सत्र आयोजित किए गए जिनमें 17,000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा कि देश भर में अब तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया है। इनमें से सिर्फ 447 लोगों पर ही इसके प्रतिकूल प्रभाव पडऩे के मामले सामने आए हैं। हालांकि इनमें से तीन मामलों में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी। अब तक ज्यादातर मामलों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी जैसी स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्याएं देखने को मिली हैं।
सरकार ने प्रति सत्र में 100 लाभार्थियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है लेकिन दूसरे दिन इससे करीब आधी संख्या में ही टीका लगाया जा सका। इसकी वजह टीके को लेकर भरोसे का अभाव और तकनीकी समस्या रही। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार टीकाकरण अभियान की शुरुआत में पहले दिन 2,07,229 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई। यह किसी भी देश में एक दिन में लगाए गए टीके का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। हालांकि लक्ष्य से यह आंकड़ा करीब 1 लाख कम है क्योंकि कई स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण को लेकर इच्छुक नजर नहीं आए।
पहले दिन एक विवाद हो गया था। असल में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों से संबंधित एक पत्र सार्वजनिक हो गया था, जिसमें कहा गया था कि डॉक्टर सीरम का कोविशील्ड टीका ही लगवाना चाह रहे हैं। तमिलनाडु में करीब 3,000 स्वास्थ्यकर्मियों ने टीका लगवाया जबकि क्षमता करीब 15,000 की थी। गवर्नमेंट स्टैनली के डीन पी बालाजी ने कहा कि कई कर्मचारी पोंगल त्योहार मनाने के लिए अपने घर चले गए हैं लेकिन सोमवार से अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। बालाजी ने कहा कि स्टैनली में पंजीकृत नर्सों में केवल 25 प्रतिशत को ही टीके लगाए गए हैं, जबकि शेष ने फिलहाल टीका नहीं लगवाया है। कुछ नर्सों ने कहा कि सभी डॉक्टरों को टीका लगने के बाद ही वे टीका लगवाना चाहती हैं।
आम लोगों को भरोसा देने के लिए राज्य के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन सहित प्रमुख डॉक्टरों ने आज टीके लगवाए। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे टीकाकरण अभियान में तेजी आएगी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘पंजीकरण के बाद भी टीका लगाना या नहीं लगाना लोगों पर निर्भर करता है। दिल्ली में भी टीकाकरण को लेकर वही रुझान रहा है, जो देश बाकी हिस्सों में देखने में आया है।’
स्वास्थ्य मंत्रालय को को-विन ऐप से जुड़ीं शिकायतें भी मिली हैं। पूरे टीकाकरण अभियान में को-विन ऐप की अहम भूमिका है। कई राज्यों में इस ऐप पर सत्र अपलोड नहीं किए जा सके और लोगों से जुड़ी आवश्यक जानकारियां नहीं प्राप्त की जा सकीं। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में टीका लगवाने आए लोग हाथ से ही फॉर्म भरते देखे गए। अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को टीकाकरण जारी रहेगा लेकिन अंतिम निर्णय शाम में तैयारियों को देखते ही लिया जाएगा।