नए मॉल बनने की रफ्तार धीमी पडऩे, अच्छे मॉल की कमी और महामारी के कारण इन्हें सबसे पहले बंद करने के लिए बाध्य किए जाने के कारण खुदरा विक्रेता बड़े बाजारों में अपने शोरूम खोलने को प्राथमिकता दे रहे हैं। बड़े बाजारों में दुकानें खोलने वाले खुदरा विक्रेताओं की तादाद बढ़ रही है क्योंकि मांग में सुधार से उनकी विस्तार योजनाओं की रफ्तार बढ़ी है।
जेएलएलइंडिया के प्रबंध निदेशक (खुदरा सेवाएं) शुभ्रांशु पाणि ने कहा, ‘खुदरा विक्रेताओं की आक्रामक विस्तार योजनाएं हैं, लेकिन मॉल बनने की रफ्तार सुस्त पड़ गई है क्योंकि कम धन के कारण उनका निर्माण थम गया है और खुदरा विक्रेता विस्तार के लिए बड़े बाजारों में जा रहे हैं, इसलिए मॉल को पर्याप्त खुदरा विक्रेता नहीं मिल रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान मॉल को सबसे पहले बंद कराया गया और उन्हें काफी बाद में खोलने की मंजूरी दी गई, इसलिए खुदरा विक्रेता विस्तार के लिए बड़े बाजारों का रुख कर रहे हैं।’ पाणि ने कहा कि बड़े खुदरा विक्रेता अपने 50 फीसदी शोरूम बड़े बाजारों में खोल रहे हैं। यह आंकड़ा पहले 25 फीसदी ही था। छोटे ब्रांड भी ऐसा ही कर रहे हैं। छोटे ब्रांड अपने 50 फीसदी नए शोरूम मॉल में और शेष बड़े बाजारों में खोल रहे हैं। इससे पहले छोटे ब्रांड केवल 10 फीसदी शोरूम ही मॉल के बाहर खोलते थे।
पेपे जीन्स इंडिया के सीईओ मनीष कपूर ने कहा कि ब्रांड का विस्तार कोविड से पहले सालाना 40 से 50 नए शोरूम के आंकड़े को हासिल करने के लिए पटरी पर है। इसने महामारी के दौरान मॉल के बजाय बड़े बाजारों में ज्यादा शोरूम खोलने पर ध्यान दिया है। कपूर ने कहा, ‘इस समय हमारे 65 फीसदी शोरूम मॉल में और शेष बड़े बाजारों में हैं। हम मॉल में शोरूम खोलना जारी रखेंगे, बशर्ते कि अच्छे मॉल उपलब्ध हों अन्यथा हम बड़े बाजारों में शोरूम खोलेंगे।’
नाइट फ्रैंक इंडिया के निदेशक अभिषेक शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय खुदरा विक्रेता और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अपना विस्तार जारी रखेंगे। लेकिन स्थानीय खुदरा विक्रेता महामारी के दौरान प्रभावित हुए हैं, इसलिए वे पहले बड़े बाजारों और उसके बाद मॉल में शोरूम खोलने के बारे में विचार करेंगे। शर्मा ने कहा कि बहुत से ब्रांड हर मॉल के बजाय केवल नामी-गिरामी मॉल में अपनी मौजूदगी रखने और बड़े बाजारों में विस्तार के बारे में विचार कर रहे हैं।
मॉल डेवलपरों ने किराया भी बढ़ाना शुरू कर दिया है क्योंकि मांग लगभग कोविड से पहले के स्तरों पर पहुंच गई है। शॉपर्स स्टॉप लिमिटेड, ट्रेंट लिमिटेड और आदित्य बिड़ला फैशन ऐंड रिटेल लिमिटेड जैसी खुदरा शृंखलाओं ने मांग कोविड से पहले के स्तर पर लौटने के कारण आक्रामक विस्तार योजनाएं बनाई हैं। डीएलएफ रिटेल की कार्यकारी निदेशक पुष्पा बेक्टर ने फिजिटल रिटेल कन्वेंशन से इतर बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया था, ‘बिक्री एवं मांग लौट आई है, इसलिए मेरा अनुमान है कि किरायों में बढ़ोतरी होगी।’ आदित्य बिड़ला फैशन ऐंड रिटेल के सीईएफओ जगदीश बजाज ने निवेशकों को बताया था, ‘पैंटालूंस ने सुधार के सफर की शुरुआत का संकेत देते हुए पिछली तिमाही में अपने नेटवर्क में सात नए शोरूम जोड़कर इस साल की अपनी विस्तार योजनाएं मजबूत की हैं।’ बजाज ने निवेशको को बताया कि कंपनी का राजस्व दूसरी तिमाही में कोविड से पहले के स्तर का करीब 90 फीसदी रहा है, जो पहली लहर के आखिर के मुकाबले बिक्री में तेजी से सुधार का संकेत है।