महाराष्ट्र में अपार्टमेंट पर स्टांप शुल्क को मौजूदा 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गिया है। यह दर दिसंबर 2020 के अंत तक प्रभावी रहेगी और जनवरी 2021 से मार्च 2021 के बीच इसे 3 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। विश्लेषकों की राय में इस फैसले का सर्वाधिक लाभ ओबेरॉय रियल्टी और गोदरेज प्रोपर्टीज का होने जा रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि रियल्टी क्षेत्र को उबरने में अभी भी बहुत अधिक समय लगेगा।
महाराष्ट्र के इस फैसले के बाद विश्लेषकों को उम्मीद है कि और भी राज्य स्टांप शुल्क में काटौती कर सकते हैं। जेफरीज के मुताबिक कर्नाटक सरकार बेंगलूरु में और हरियाणा सरकार गुरुग्राम में इस तरह का कदम उठा सकती है। जेफरीज में विश्लेषक अभिनव सिन्हा कहते हैं, ‘हमारे विश्लेषण के दायरे में आवासीय कारोबार में महाराष्ट्र की सर्वाधिक हिस्सेदारी ओबेरॉय (100 फीसदी) के लिए है जिसके बाद 50 फीसदी के साथ गोदरेज प्रोपर्टीज का स्थान है। यही दोनों इस फैसले के प्रत्यक्ष लाभार्थी हैं। हालांकि, यदि दूसरे राज्य भी इसी तरह के फैसले लेते हैं तो डीएलएफ, सोभा और प्रेस्टिज जैसे अन्य डेवलपर भी लाभान्वित हो सकते हैं।’
शेयर बाजार में निफ्टी रियल्टी सूचकांक ने एक वर्ष और वर्ष के आरंभ से आज की तारीख तक एक बड़े अंतर से बेंचमार्क निफ्टी 50 के प्रदर्शन को कमजोर किया है। हालांकि 23 मार्च के न्यूनतम स्तर से सुधार उत्साहजनक है, लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि प्रदर्शन ध्रुवीकृत बनी रहेगी।
गुरुवार को निफ्टी रियल्टी सूचकांक शीर्ष क्षेत्रवार लाभ कमाने वाला रहा है जिसमें डीएलएफ ने 6.4 फीसदी की उछाल दर्ज की तो वहीं प्रेस्टीज एस्टेट, ओबेरॉय रियल्टी और सनटेक रियल्टी को 6.9 फीसदी से लेकर 9.5 तक की बढ़त हासिल हुई।