गैर जीवन बीमा प्रीमियम 12 प्रतिशत बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 9:42 AM IST

गैर-जीवन बीमाकर्ताओं ने दिसंबर में बीमा किए हुए सकल प्रीमियम में सालाना आधार पर करीब 12 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है। यह वृद्घि नवंबर में कम एकल अंक की वृद्घि और सितंबर तथा अक्टूबर में संकुचन के बाद हुई है।      
दिसंबर में गैर जीवन बीमाकर्ताओं ने बीमा किया हुआ 17,935.97 करोड़ रुपये का सकल प्रीमियम हासिल किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 16,048.86 करोड़ रुपये रही थी। इन बीमाकर्ताओं में सामान्य बीमाकर्ता, एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ता और विशिष्ट पीएसयू बीमाकर्ता शामिल हैं। नवंबर में उन्होंने प्रीमिमय में 2.7 फीसदी की वृद्घि दर्ज की थी जबकि अक्टूबर और सितंबर में हासिल प्रीमियम में क्रमश: 0.41 फीसदी और 4.41 फीसदी की कमी आई थी।
सामान्य बीमाकर्ताओं की कुल संख्या 25 है। उन्होंने इस साल दिसंबर में 15,491.12 करोड़ रुपये का प्रीमियम प्राप्त किया। इस प्रकार इसमें सालाना आधार पर 10.59 फीसदी की वृद्घि हुई है। पिछले वर्ष से समान अवधि में एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं के प्रीमियम में 5 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है।    
दिसंबर में सरकारी बीमाकर्ताओं में न्यू इंडिया एश्योरेंस और नैशनल इंश्योरेंस कंपनी ने पिछले एक वर्ष में क्रमश: 16.02 फीसदी और 42.10 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है। वहीं निजी बीमाकर्ताओं में बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस ने प्रीमियम में 22.73 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है, एचडीएफसी एर्गो ने 40 फीसदी से थोड़े अधिक की वृद्घि, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने 10.52 फीसदी की वृद्घि और इफको टोकियो ने 14 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2021 के अप्रैल से दिसंबर की अवधि में सामान्य बीमाकर्ताओं का कुल प्रीमियम 1.25 लाख करोड़ रुपये का रहा जो पिछले वर्ष से 1.14 फीसदी अधक है। न्यू इंडिया एश्योरेंस के अलावा बाकी तीन सरकारी सामान्य बीमा कंपनियां इस दौरान नुकसान में रहीं।
जहां तक निजी बीमाकर्ताओं की बात है, 26 फीसदी की वृद्घि दर्ज करने वाली एचडीएफसी एर्गो को छोड़कर अच्छी खासी बाजार हिस्सेदारी रखने वाली बाकी निजी बीमाकर्ता कंपनियों ने प्रीमियम में कम एकल अंक की वृद्घि दर्ज की है। दूसरी ओर एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं ने वित्त वर्ष 2021 की अप्रैल से दिसंबर की अवधि में प्रीमियम में 7 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है। उनकी प्रीमियम में यह वृद्घि खुदरा स्वास्थ्य खंड के कारण से हुई है।       
सरकारी योजनाओं और विदेशी स्वास्थ्य बीमा (यात्रा) ने निराश किया।एक उद्योग के स्तर पर वित्त वर्ष 2021 के पहले नौ महीनों में गैर-जीवन उद्योग का प्रीमियम 2.53 फीसदी बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1.42 लाख करोड़ रुपये रहा था। गैर-जीवन उद्योग में वृद्घि मुख्य तौर पर स्वास्थ्य और उसके बाद अग्नि खंड के कारण से रही।
अर्थव्यवस्था के धीरे धीरे खुलने से मोटर बीमा खंड में तेजी आई है लेकिन थर्ड पार्टी की प्रीमियम दरों में तेजी नहीं आई। दूसरी तरफ फसल बीमा उद्योग के लिए चुनौती बनी हुई है। 

First Published : January 15, 2021 | 11:08 PM IST