सुबह साढ़े आठ बजे दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन पर बड़ी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों की वजह से शुरू में तो ऐसा लगा जैसे हम किसी अपराध स्थल में प्रवेश करने वाले हों। वे शायद प्रवेश द्वार पर प्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए थे। किसी सामान्य दिन में यह बहुत भीड़-भाड़ वाला समय हुआ करता था और लोग मेट्रो पकडऩे के लिए भीड़ के साथ दौड़ा करते थे। लेकिन अब यह सामान्य समय नहीं है। हालांकि सामान्य जिंदगी की झलक वापस लाने के उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो सेवा 169 दिन बाद सोमवार से दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन भीड़ नदारद है।
पहले दिन केवल येलो लाइन (समयपुर बादली और हुडा सिटी सेंटर के बीच) की ही शुरुआत हुई है। यह सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है जिस पर आम तौर पर ठसाठस रहने वाला विश्वविद्यालय और कश्मीरी गेट स्टेशन आते हैं। लेकिन रोहिणी स्टेशन के अंदर कुछेक यात्री ही हैं जिनमें से प्रत्येक को अपना बैग सैनेटाइज कराने से पहले तापमान की जांच से गुजरना पड़ता है। इसके बाद ही स्कैनिंग मशीन में सामान रखने की अनुमति दी जाती है।
फिलहाल टोकन की अनुमति नहीं है। केवल स्मार्टकार्ड धारकों को ही सेवा का उपयोग करने, कार्ड खरीदने या उन्हें कैशलेस तरीके से रिचार्ज करने की अनुमति है और वह भी संपर्करहित तरीके से। इस बीच यात्रा करने से पहले सुरक्षा जांच उतनी ही कड़ी है, जितनी कोविड से पहले के दिनों में थी। बस अब यह सब कुछ संपर्करहित हो गया है।
आमतौर पर यात्रियों से भरे रहने वाले डिब्बे खाली-से पड़े हैं जिनमें से प्रत्येक में बामुश्किल एक दर्जन यात्री ही हैं। ये सभी मास्क से सुरक्षित हैं और कुछ लोगों ने दस्ताने और फेसशील्ड भी लगाई हुई है। ट्रेन के अंदर हर दूसरी सीट को स्टिकर के साथ चिह्नित किया गया है जिस पर – यहां न बैठें, शारीरिक दूरी बनाए रखें की चेतावनी दी गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि इन चेतावनियों का उल्लंघन न हो, इसके लिए सुरक्षा कर्मचारी यात्रियों पर नजर रखते हुए डिब्बों में गश्त करते हैं। हालांकि डिब्बों के बाहर स्टेशनों पर अपने मेट्रो के आने का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए ऐसा कोई सीमांकन नहीं है।
इस बीच जिन लोगों नेे बाहर की उमस से राहत और शीतल वातावरण पाने के लिए आरामदायक मेट्रो यात्रा की आशा की थी, उन्हें तो निराश ही होना पड़ा होगा। डिब्बे अब सामान्य से अधिक गर्म हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इस रिपोर्ट के बाद तापमान को बेहतर हवा परिसंचरण के साथ नियंत्रित किया है कि यह वायरस बंद वातानुकूलित वातावरण में तेजी से फैलता है।
स्टेशनों पर अधिक देर तक रुकने की वजह से यात्रा के औसत समय में लगभग 20 से 25 मिनट की वृद्धि की गई है। किसी सामान्य दिन में रोहिणी सेक्टर 18-19 मेट्रो स्टेशन से राजीव चौक तक पहुंचने में लगभग 35 मिनट लगते हैं। आज इसमें एक घंटे से थोड़ा अधिक समय लगा है। अन्य स्टेशनों की तरह ही भीड़-भाड़ वाला राजीव चौक भी खाली पड़ा है। डीएमआरसी की सुरक्षा में लगे हेमंत कुमार सिंह ने कहा कि हम सुबह 6 बजे से ड्यूटी पर हैं। मुश्किल से ही कोई यात्री आ रहा है, लेकिन हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इनकी संख्या बढ़ेगी।
जो कुछेक लोग आए हैं, उन्हें इस बात से राहत है कि मेट्रो सेवा बहाल हो गई है। इन्हीं में से एक हैं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुग्राम से आगे एक इवेंट मैनेजमेंट फर्म के लिए काम करने वाले 24 वर्षीय साहिल सिंह। उत्तरी दिल्ली के रोहिणी निवासी साहिल ने कहा, ‘मेरे काम की प्रकृति के कारण मुझे घर से काम करने की सुविधा नहीं मिलती है। लॉकडाउन की शुरुआत में हमारी कंपनी द्वारा वेतन कटौती की गई थी, लेकिन पिछले महीने तो हमें बिल्कुल भी वेतन नहीं दिया गया। हमें बाहर जाना पड़ता है, हमें नौकरी की जरूरत है और दैनिक आवागमन के लिए कैब बहुत महंगी पड़ती है, लेकिन अब मैं काम पर वापस जा सकता हूं।’
कनॉट प्लेस में एक दुकान पर काम करने वाली 23 वर्षीय माधुरी का भी यही मानना है और इस दौरान वह डीटीसी बस के जरिये यात्रा कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए घर से तीन बसें बदला करती थी और मुझे काम पर पहुंचने में दो घंटे से अधिक का समय लगता था और वापस घर पहुंचने तक मैंं बुरी तरह थक जाती थी। अब मैं कम से कम यात्रा कावक्त तो बचा पाऊंगी। हम सभी को अपनी तरफ से सावधानी बरतनी होगी और आगे बढ़ते रहना होगा।’
कुछ ऐसे लोग भी थे जिन्हें डीएमआरसी द्वारा सेवा बहाली की घोषणा किए जाने के बाद काम पर आने के लिए कहा गया था। कनॉट प्लेस की एक निजी फर्म के लिए काम करने वाली कविता गोयल ने कहा, ‘ इस दौरान मैं घर से काम कर रही थी, लेकिन अब हमारे दफ्तर ने मेट्रो सेवाओं के शुरू होने की वजह से दफ्तर आने के लिए कहा है। फिर भी साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन जिंदगी का हिस्सा रहना चाहिए इसलिए हमें डीएमआरसी द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।’
सिंह की तरह ही 70 वर्षीय वकील नरेंद्र कुकरेजा भी मेट्रो सेवा की दोबारा शुरुआत होने से प्रसन्न हैं क्योंकि अब उन्हें बाहरी दिल्ली के नरेला स्थित अपने घर से कड़कडड़ूमा अदालत जाने के लिए बस नहीं लेनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि घर से वहां तक जाने के लिए उन्हें ढाई घंटे लग जाया करते थे। अब उनकी यात्रा का समय घटकर सवा घंटा रह गया है।
हालांकि आज केवल येलो लाइन की ही दोबारा शुरुआत हुई है (सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और शाम को 4 बजे से रात के 8 बजे तक ), लेकिन 12 सितंबर से पूरी सेवा सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक बहाल हो जाएगी। डीएमआरसी ने राष्ट्रव्यापी देशबंदी की घोषणा किए जाने से दो पहले 22 मार्च को सेवाएं रोक दी थीं। पहले इसके दैनिक औसत यात्रियों की संख्या 60 लाख थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आज सेवा बहाली के पहले चार घंटों में 7,500 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया है।
उत्तर प्रदेश में भी मेट्रो सेवा शुरू
लखनऊ मेट्रो रेल सेवा सोमवार सुबह से शुरू हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि सुबह 6 बजे से शुरू हुई मेट्रो सेवा में यात्रियों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखी, लेकिन दिन चढऩे के साथ-साथ यात्रियों की संख्या भी बढ़ती गई।
सोमवार से नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) ने भी एक्वा लाइन पर मेट्रो का परिचालन शुरू कर दिया। इस मार्ग के सभी 21 मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया गया। पहले दिन यात्रियों की संख्या बहुत कम रही। ‘अनलॉक-4’ के तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा मार्ग पर मेट्रो परिचालन बहाल करते हुए सोमवार को सेक्टर-51 के मेट्रो स्टेशन से सुबह सात बजे पहली मेट्रो रेल का संचालन ग्रेटर नोएडा के लिए किया गया।