मार्च के अंत तक खुले बाजार में आ जाएंगे कोविड टीके!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:52 AM IST

अब तक टीकाकरण के लिए कम लोग आगे आए हैं, इसलिए सरकार मार्च या अप्रैल तक निजी बाजार में टीके की उपलब्धता को मंजूूरी देने की योजना बना रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि सरकार टीकाकरण की दर बढ़ाना चाहती है, इसलिए वह अपनी पहले की योजना से जल्द निजी बाजार मेंं टीकों की उपलब्धता को मंजूूरी देने के बारे में पूरी सक्रियता से विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब तक उपलब्ध स्टेबिलिटी (कितने समय तक उपयोग करने योग्य रहता है) आंकड़ों के आधार पर भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा दी गई मंजूरी के मुताबिक टीकों को छह महीने तक ही भंडारित कर रखा जा सकता है। उस सूत्र ने कहा, ‘सीरम इंस्टीट्यूट के पास जनवरी में टीके (कोविशील्ड) की करीब 10 करोड़ खुराक तैयार थीं। हालांकि भारत इन टीकों का सामरिक दृष्टि से अहम पड़ोसी देशों को भी निर्यात कर रहा है, लेकिन स्टॉक को खुराकों की मियाद खत्म होने से पहले इस्तेमाल करना होगा।’
बिज़नेस स्टैंडर्ड ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इन कंपनियों के दो मंजूूर टीकों- कोविशील्ड और कोवैक्सीन की सरकार को देशव्यापी टीकाकरण अभियान के लिए आपूर्ति की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के दो सप्ताह बाद यानी 30 जनवरी को लक्षित एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों में से करीब 37 फीसदी (37,06,157) ने टीके लगवाए हैं।
इस बीच स्वास्थ्य सचिव राज्यों के प्रतिनिधियोंं से मिले और उनसे टीकाकरण की दर में सुधार लाने का आग्रह किया। कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लक्ष्य के 50 फीसदी से अधिक टीकाकरण हुआ है, लेकिन कुछ राज्यों में टीकाकरण की दर कम है। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में 7,80,000 स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का लक्ष्य था, लेकिन वहां 30 जनवरी तक केवल 2,69,064 स्वास्थ्य कर्मियों के ही टीके लग पाए हैं।
टीकाकरण की इस सुस्त रफ्तार को देखते हुए सरकार निजी बाजार में जल्द टीकों की उपलब्धता को मंजूरी दे सकती है। एक टीका विनिर्माता ने नाम प्रकाशित नहीं करने का आग्रह करते हुए बताया कि टीकाकरण की सुस्त दर को देखते हुए ही वित्त मंत्री ने टीकाकरण कार्यक्रम के लिए 35,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

First Published : February 2, 2021 | 11:23 PM IST