तमिलनाडु, पंजाब और असम में चरम पर पहुंच सकता है संक्रमण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:41 AM IST

तमिलनाडु, असम और पंजाब में अगले दो हफ्तों के दौरान कोरोनावायरस के मामले अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। यह जानकारी ‘सूत्र’ मॉडल से मिली है। यह गणित मॉडल कोरोनावायरस के मामलों की तीव्रता का अनुमान जताने में मदद करता है। मॉडल के मुताबिक, राहत की बात यह है कि दिल्ली और महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश में संक्रमण के मामले अपने चरम पर पहुंच चुके हैं। उसने यह भी कहा कि देश में चार मई को मामले चरम पर पहुंच गए थे और फिर दैनिक मामलों में गिरावट दिखने लगी थी। हालांकि सात मई को देश में 4,14,188 मामले रिकॉर्ड हुए थे जो सर्वाधिक एक दिनी बढ़ोतरी थी।
आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम विद्यासागर ने बताया, ‘तमिलनाडु, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, असम जैसे बड़े राज्यों में अभी मामलों की चरम स्थिति आनी है।’ वह मॉडल पर काम कर रहे तीन वैज्ञानिकों में से एक हैं। मॉडल बताता है कि तमिलनाडु में 29-31 मई के बीच कोरोनावायरस की चरम स्थिति आ सकती है जबकि पुदुच्चेरी में 19-20 मई को कोविड की चरम स्थिति आ सकती है। 

मॉडल के मुताबिक, पूर्वी और पूर्वोत्तरी भारत में भी मामलों की चरम स्थिति आनी बाकी है। असम में 20-21 मई को कोरोनावायरस के मामले अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। असम में सोमवार को एक दिन में सर्वाधिक 6,394 नए मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि राज्य में सोमवार को 92 लोगों की मौत भी हुई है जो अब तक एक दिन में मृतकों की सर्वाधिक संख्या है। 
मॉडल में अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर में संक्रमण में कमी का अनुमान जताया गया है और इन राज्य में मामलों में कमी रिकॉर्ड की गई है लेकिन उनमें मामूली बढ़ोतरी होने लगी है। मेघालय में कोविड-19 की चरम स्थिति 30-31 मई को जबकि त्रिपुरा में 26-27 मई को आ सकती है। उत्तर में, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में मामले बढ़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में 24 मई तक मामले अपने चरम पर पहुंच सकते हैं जबकि पंजाब में यह स्थिति 22 मई तक आने के आसार हैं। 

ओडिशा में कोरोना वायरस की चरम स्थिति 16-17 मई को आ चुकी है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, केरल, सिक्किम, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली एवं गोवा में कोरोनावायरस की चरम स्थिति निकल चुकी है। गणित मॉडल वायरस के मामलों की तीव्रता का अनुमान जताने में मदद करता है और इसके आधार पर नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने वायरस के मामलों में तेजी का अनुमान जताने के लिए गणित मॉडल पर काम करने के लिए वैज्ञानिकों का एक समूह गठित किया था जिसके बाद पिछले साल सूत्र मॉडल अस्तित्व में आया था। 

First Published : May 19, 2021 | 1:15 AM IST