भारतीय कंपनी कर रही कोविड दवा का परीक्षण

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 2:17 AM IST

अगले छह महीने में कोविड-19 के इलाज के लिए एक नई संभावित दवा बाजार में आ सकती है। इस नई दवा (नोवल केमिकल एन्टिटी) का विकास कोच्चि की एक कंपनी पीएनबी वेस्पर कर रही है। शोध कार्य करने वाली इस कंपनी की दवा को दूसरे चरण के परीक्षण के लिए देश के दवा नियामक की अनुमति मिल गई है। कोविड-19 की इस संभावित दवा को पीएनबी-001 नाम दिया गया है।

अगर इस दवा को बाजार में उतारने की अनुमति मिल जाती है तो यह कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली भारत की पहली एनसीई होगी। वैश्विक स्तर पर मर्क जैसी कंपनियां सार्स-सीओवी-2 वायरस के लिए दवा विकसित कर रही हंै और इनमें कुछ कंपनियों की दवा के कारगर नतीजे सामने आए हैं। फिलहाल स्टेरॉयड और सूजन रोधी दवाओं के साथ रेमडेसिविर और फैविपिराविर जैसी दवाओं का इस्तेमाल अस्थायी तौर पर कोविड-19 के इलाज के लिए किया जा रहा है।

पीएनबी वेस्पर ने 12 वर्षों के शोध के बाद फेफड़े के कैंसर के लिए यह दवा तैयार की थी। फेफड़े के कैंसर के इलाज के लिए फिलहाल इस दवा का परीक्षण चल रहा है। कंपनी का दावा है कि कोविड-19 के खिलाफ भी इस दवा ने अच्छा असर दिखाया है। इतना ही नहीं, यह दवा कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध के तौर पर भी काम कर सकती है। दूसरे शब्दों में कहें तो सीमित मात्रा में लेने पर यह किसी व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमण का शिकार होने से बचा सकती है।

कंपनी अब पुणे के बीएमजी मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 से संक्रमित 40 मरीजों पर अध्ययन करेगी और यह काम 60 दिन में पूरा कर लेगी। कंपनी ने तीसरे चरण के परीक्षण के लिए देश भर में छह केंद्रों की पहचान कर ली है और इसमें तीन-चार महीने का समय लगना चाहिए। पीएनबी वेस्पर लाइफ के मुख्य कार्याधिकारी पी एन बलराम ने कहा कि सारी चीजें योजनानुसार रहीं तो मार्च तक यह दवा बाजार में आ सकती है।

पीएनबी-001 शरीर में साइटोकाइन का स्राव रोक कर प्रतिरोधी क्षमता की असामान्य प्रतिक्रिया को भी नियंत्रित करती है, जिससे शरीर में सूजन का खतरा कम हो जाता है। कैप्सूल के रूप में भी इस दवा का सेवन किया जा सकता है। बलराम ने कहा, ‘यह दवा कैप्सूल के रूप में होगी।’ साइटोकाइन का स्राव रोकने के लिए इस समय रॉश की टोसिलिजुमैब और बायोकॉन की इटोलीजुमैब का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि इन दोनों दवाओं का इस्तेमाल टीके के रूप में होता है, इसलिए मरीज के लिए अस्पताल जैसी सुविधाओं में रहना पड़ता है।

पीएनबी वेस्पर कोविड-19 वायरस का खात्मा या इसकी संख्या तो कम नहीं करता है, लेकिन इस वायरस से होने वाले दूसरे लक्षणों से लडऩे में मदद करता है। प्रयोगशालाओं में परीक्षण के दौरान पीएनबी-001 की तुलना एक सामान्य एवं सस्ते स्टेरॉयड डेक्सामेथासोम के साथ की जाएगी। कोविड-19 से संक्रमित जिन लोगों को ऑक्सीजन देने की जरूरत पड़ती है उन्हें डेक्सामेथासोम दिया जाता है। कोच्चि की कंपनी ने दवा का भारत, अमेरिका, यूरोपीय संघ और दुनिया के बाकी देशों में पेटेंट करा रखा है।

First Published : September 11, 2020 | 11:29 PM IST