मूडीज एनालिटिक्स का मानना है कि आने वाले महीनों में भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में कोविड-19 टीकों के लिए वितरण प्रयासों का संचालन करेगा।
मूडीज एनालिटिक्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 60 फीसदी वैश्विक हिस्सेदारी के साथ दुनिया में टीकों के सबसे बड़े उत्पादक के रूप में भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के अलावा अन्य देशों के लिए बड़े स्तर पर टीका उत्पादन और वितरण में योगदान के लिहाज से अपनी मौजूदा विनिर्माण क्षमताओं का उपयोग करने में बेहतर स्थिति में है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जल्द ही कोविड-19 टीकों का निर्यात शुरू होने की उम्मीद से भारत (चीन के साथ) आने वाले महीनों में इस क्षेत्र के वितरण प्रयासों के संचालन की कमान संभालने को तैयार दिखता है। टीकाकरण की दिशा में भारत का विकास इस क्षेत्र के लिए महत्त्वपूर्ण प्रगति है। चूंकि अमेरिका के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, इसलिए महत्त्वपूर्ण सामाजिक आर्थिक लागतों को सीमित रखने के लिए स्थानीय टीकाकरण की आवश्यकता सर्वोपरि है और इस मोर्चे पर देश के आगे बढऩे की सफलता अंतत: इस क्षेत्र के भीतर महामारी की कठोरता को कम कर देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के झटके की बढ़ती आर्थिक लागत से हाल के हफ्तों में इस क्षेत्र के कुछ देशों ने टीका खरीद और उसकी शुरुआत की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया है। इस क्षेत्र में सुधार की रफ्तार असमान बनी हुई है, लेकिन मूडीज एनालिटिक्स से पिछले अपडेट के बाद से जोखिमों में बदलाव आया है। स्थानीय कंटेनमेंट के संबंध में जापान और दक्षिण कोरिया में तीसरी लहरों की वजह से निकट भविष्य का परिदृश्य बदतर हो गया है जिससे जापान के प्रमुख प्रांतों में कामबंदी सहित नए प्रतिबंध लग गए हैं। दक्षिणपूर्व एशिया की अर्थव्यवस्थाएं – इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया कड़े नियंत्रण उपायों के साथ मामलों के बढ़ते बोझ से जूझ रही हैं। मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि दैनिक मामलों में अचानक हुए इजाफे के बाद चीन ने भी चार शहरों में लॉकडाउन किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई देशों के मामले में हाल के बदलाव ने उन्हें अपनी टीका खरीद और कार्यान्वयन योजनाओं में तेजी लाने की तत्काल आवश्यकता के लिए प्रेरित किया है।