राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण पर असर!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:37 PM IST

शिक्षा मंत्रालय हालांकि शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी ‘राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण’ (एनएएस) 2021 कर रहा है, लेकिन राज्यों को छात्रों की उपस्थिति और लॉजिस्टिक्स के संबंध में चिंता सता रही है, जिससे इस सर्वेक्षण में बाधा आ सकती है।
हर तीन साल में आयोजित की जाने वाली इस प्रक्रिया-एनएएस का उद्देश्य स्कूली छात्रों में सीखने से जुड़ी कमी का आकलन करना होता है। इस वर्ष के संस्करण में विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के कारण स्कूली छात्रों की सीखने की क्षमताओं में होने वाले व्यवधानों का आकलन किया जा रहा है।
इस सर्वेक्षण में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 733 जिलों में 1,23,000 स्कूलों और 38 लाख छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। एनएएस 2021 का आयोजन कक्षा तीन और पांच के लिए भाषा, गणित और ईवीएस में किया जाएगा। कक्षा आठ के छात्रों का भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के लिए आकलन किया जाएगा, जबकि कक्षा 10 के छात्रों के लिए इन चार विषयों के अलावा अंग्रेजी का एक अतिरिक्त विषय रहेगा। यह परीक्षा 22 भाषाओं में आयोजित की जाएगी।
अलबत्ता राज्यों को लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ सर्वेक्षण के समय को लेकर चिंता सता रही है।
गुजरात के प्रतिदर्श स्कूलों में शामिल एक स्कूल के अध्यापक ने कहा ‘यह सर्वेक्षण ऐसे समय में किया जा रहा है, जब ज्यादातर राज्यों में अब भी कक्षा आठ तक स्वैच्छिक रूप से ऑफलाइन उपस्थिति है। बहुत-से छात्र और उनके माता-पिता अब भी ऑफलाइन कक्षाओं के प्रति सतर्क हैं। ऐसे समय में यह सर्वेक्षण शायद वह संभावित परिणाम न दे पाए, जिसकी उम्मीद सरकार कर रही है। इसके अलावा जहां एक ओर कुछ राज्यों में भारी बारिश जैसे जलवायु संबंधी दिक्कतें नजर आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अन्य राज्य अब भी त्योहार जनित अनुपस्थिति के दौर से गुजर रहे हैं।
गुरुवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी केंद्र से यह सर्वेक्षण स्थगित करने का अनुरोध किया था। सिसोदिया ने एनएएस को स्थगित करने की मांग करते हुए एक ट्वीट में कहा है कि जब अधिकांश बच्चे स्कूल ही नहीं आ रहे हैं, तो यह किसकी उपलब्धि की जांच करेगा।
अपनी तरफ से शिक्षा मंत्रालय ने इस सर्वेक्षण के लिए हरेक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 36 नोडल अधिकारियों के साथ 733 जिला स्तरीय समन्वयकों और जिला नोडल अधिकारियों, 1,23,000 से अधिक पर्यवेक्षकों तथा 1,80,000 से ज्यादा क्षेत्रीय जांचकर्ताओं को नियुक्त किया है। केंद्र का उद्देश्य एनएएस के निष्कर्षों का उपयोग छात्रों के सीखने की कमी का निदान करने तथा शिक्षा नीतियों, अध्यापन की कार्यप्रणाली और सीखने में आवश्यक हस्तक्षेप का निर्धारण करना है। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने एनसीईआरटी, सीबीएसई, यूनिसेफ, डीडीजी (सांख्यिकी) और नीति आयोग के परामर्श से एनआईसी के माध्यम से एक एनएएस-2021 पोर्टल भी विकसित किया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा 3, 5, 8 और 10 के छात्रों के लिए मूल्यांकन प्रशासक के रूप में आयोजित किए जाने वाले इस सर्वेक्षण में न केवल राज्यों के सरकारी स्कूल, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, गैर सहायता वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूल और केंद्र सरकार के स्कूल भी शामिल होंगे।

First Published : November 11, 2021 | 11:19 PM IST