राज्यसभा में सदन के नेता एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को उच्च सदन से सेवानिवृत्त हो रहे विपक्षी सदस्यों को राजनीतिक ‘पिच’ बदलने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसी मंशा रखने वालों के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं। राज्यसभा में 19 राज्यों के विभिन्न दलों के 72 सदस्यों को आज विदाई दी गई। इनमें आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल सहित कांग्रेस के 13 सदस्य शामिल हैं। इनमें से कई सदस्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के समूह जी-23 में शामिल हैं, जो पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं। सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के विदाई भाषण में गोयल ने कहा कि सदस्यों के कार्यकाल का समाप्त होना राजनीतिक पारी का एक पड़ाव भर है। उन्होंने इन सांसदों को सलाह भी दी कि कि वे चाहें तो अपनी पिच बदल सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘टेस्ट मैच लंबा है, हम सब खेलते रहेंगे। कोई उसी पिच पर खेलता है तो कुछ को मौका मिलता है पिच बदलने का। कई लोगों को अभी भी आमंत्रण है पिच बदलने का। पिच बदलना चाहें तो नए अवसर उपलब्ध हैं। मिल-जुल कर हम सब काम करें।’ गोयल की यह सलाह ऐसे समय में काफी महत्त्वपूर्ण हो सकती है जबकि जी-23 समूह के कई कांग्रेसी नेताओं के उच्च सदन में फिलहाल वापसी के आसार स्पष्ट नहीं है। गोयल ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि सदन में बहस और नोकझोंक के दौरान उनके आचरण से किसी को ठेस पहुंची हो तो वह उसके लिए क्षमा चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘अच्छी बहस और अच्छी मित्रता में थोड़ी बहुत नोकझोंक भी होती है तो, यह इतना बुरा नहीं है।’ गोयल ने कहा कि आज सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों ने अलग-अलग तरीके से सदन की गरिमा को बढ़ाने में योगदान दिया और अपनी छाप छोड़ी है, जिसे याद रखा जाएगा। भाषा