मुंबई में संपत्ति बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई में प्रतिष्ठित छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटीएम) के पुनर्विकास परियोजना का विजेता बोलीदाता यदि इस परियोजना में आवासीय विकास को शामिल करता है तो इससे 8,000 करोड़ रुपये से लेकर 11,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री का सृजन होगा।
सीएसटीएम के इलाके में संपत्ति की कीमत करीब 30,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति वर्गफुट है जो दक्षिण मुंबई में नरीमन प्वाइंट के केंद्रीय कारोबार जिले के नजदीक स्थित है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के पूर्व चेयरमैन प्रणय वकील ने कहा, ‘कार्यालय संपत्ति बाजार के दर्जे को देखते हुए मुझे इस बात में संदेह है कि कोई भी व्यक्ति यहां कार्यालय परियोजना विकसित करना चाहेगा। आवासीय परियोजना कहीं अधिक लाभकारी है और इससे निर्माण के दौरान ही डेवलपरों को धन जुटाने में मदद मिलेगी।’
विजेता को परियोजना के हिस्से के तौर पर इस क्षेत्र में प्रमुख संपत्ति के 2.5 लाख वर्गमीटर (27.3 लाख वर्गफुट) तक को विकसित करने के लिए मिलेगा। इसमें से 1.4 लाख वर्गमीटर क्षेत्र सीएसएमटी पर, 80,000 वर्गमीटर भायखला और 30,000 वर्गमीटर क्षेत्र वाडी बंदर पर होगा।
संपत्ति के लेनदेन पर राज्य सरकार की ओर से स्टाम्प शुल्क में कटौती किए जाने के कारण वित्त वर्ष 2021 की मार्च और दिसंबर तिमाही में मुंबई में आवासीय बिक्री में अच्छी उछाल आई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि डेवलपर यहां यदि खुदरा और कार्यालय परियोजनाएं विकसित करते हैं तो वे किराये से हर वर्ष करीब 800 करोड़ रुपये कमा सकते हैं।
एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के वरिष्ठ निदेशक और रणनीतिक सलाह तथा मूल्यांकन के प्रमुख आशुतोष लिमये ने कहा, ‘यदि डेवलपर खुदरा और कार्यालय को मिश्रित रूप से विकसित करते हैं तो वे हर महीने 250 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से किराया अर्जित कर सकते हैं। भिन्न भिन्न संपत्ति वर्गों में राजस्व के स्रोत भिन्न होते हैं और अलग अलग समय पर आते हैं।’
लिमये ने कहा कि विशुद्घ कार्यालयों के लिए यहां मांग कम होगी क्योंकि ज्यादातर कार्यालय मुंबई के बांद्रा कुर्ला में स्थानांतरित हो गए हैं।
डेवलपरों के पास यहां आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की जो एक और बड़ी वजह हो सकती है वह यह कि भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (आईआरएसडीसी) के मुताबिक आवासीय या मिश्रित उपयोग के लिए परियोजना के पास 99 वर्षों का दीर्घावधि पट्टा अधिकार होगा। वहीं गैर आवासीय के लिए पट्टे की अवधि 60 वर्ष है।