केंद्र सरकार ने ब्रिटेन की उड़ानों पर प्रतिबंध को 7 जनवरी तक बढ़ा दिया है और सभी राज्यों से कहा है कि वे कोविड-19 वायरस के नए रूप के प्रसार की जांच करने के लिए नववर्ष के जश्न पर कड़ी निगरानी रखें। भारत में अब तक नए प्रकार के वायरस के 20 मामलों का पता चला है और 23 नवंबर से अब तक ब्रिटेन से भारत आए 30,000 से अधिक यात्रियों को ट्रैक कर उनका परीक्षण किया जा रहा है। इससे पहले, भारत ने ब्रिटेन से आने या जाने वाली उड़ानों को 22 दिसंबर से 31 दिसंबर तक के लिए निलंबित कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त निगरानी समूह की सलाह के बाद अब यह प्रतिबंध 7 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। भारत उन 30 देशों में शामिल था, जिन्होंने दिसंबर के अंत तक ब्रिटेन की हवाई सेवाओं को निलंबित कर दिया था।
कोरोनावायरस में हुए उत्परिवर्तन के बाद नया रूप अन्य प्रचलित प्रकारों की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक घातक है। इसका पहला मामला ब्रिटेन में पाया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 7 जनवरी के बाद ब्रिटेन से सीमित संख्या में उड़ानों को फिर से शुरू करने की सिफारिश की है। नागरिक उड्डयन एवं स्वास्थ्य मंत्रालय इसके तौर-तरीकों पर काम करेंगे। वर्तमान में, एयर इंडिया, ब्रिटिश एयरवेज, वर्जिन अटलांटिक और विस्तारा दोनों देशों के बीच 60 से अधिक उड़ानें संचालित करती हैं। इनमें से करीब 45 फीसदी दिल्ली और मुंबई से संचालित होती हैं।
भारत में नए वायरस का पता चलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने महामारी विज्ञान निगरानी के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की है। इसमें 23 नवंबर से अब तक ब्रिटेन से लौटे सभी लोगों की ट्रैकिंग एवं परीक्षण शामिल है। इनमें 114 से अधिक यात्री कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं और उनके जीनोम अनुक्रमण के लिए नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने आज राज्य सरकारों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘अगर जीनोमिक अनुक्रमण सार्स-कोव-2 के नए प्रकार की उपस्थिति को इंगित करता है, तो रोगी को अलग-अलग आइसोलेशन इकाई में रखा जाएगा और चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाएगा। ऐसे यात्रियों के संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों को संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाएगा और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशानिर्देशों के अनुसार परीक्षण जाएगा।’
नए साल की पूर्व संध्या पर होने वाली पार्टियों में भीड़भाड़ को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे सम्मेलनों को लेकर सतर्कता बरतें। ट्रैवल ऐंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी) ने लगातार चलने वाली पार्टियों के बारे में शिकायत की थी कि वहां लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं और न ही शारीरिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं। टीटीएजी के अध्यक्ष नीलेश शाह ने कहा, ‘स्थानीय अधिकारियों की अनुमति के बिना कई पार्टियों को बार एवं रेस्तरां के बाहर खुले क्षेत्रों में आयोजित किया जा रहा है। सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करने की आवश्यकता है। हमें उम्मीद है कि सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी।’ हालांकि केंद्र सरकार ने अंतर-राज्य यात्रा को प्रतिबंधित नहीं किया है लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से स्थानीय स्थिति का आकलन करने और 30 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच आवश्यक प्रतिबंध लगाने पर विचार करने के लिए कहा है।
भारतीय छात्रों ने किया आपात यात्रा का अनुरोध
ब्रिटेन में कोरोनावायरस के नए स्वरूप के सामने आने पर भारत द्वारा वहां से हवाई यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध को बढ़ाने के बाद भारतीय छात्रों के समूहों ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि वह अपवाद संबंधी मामलों में आपातकालीन यात्रा के विकल्प पर विचार करे। ब्रिटेन में भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह नैशनल इंडियन स्टूडेंट ऐंड एल्मनाई यूनियन यूके (एनआईएसएयू-यूके) की अध्यक्ष सनम अरोड़ा ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि इस बार परिवार के किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने या हाल में गुजरने पर आपातकालीन यात्रा प्रबंध होंगे। मैंने खुद उन लोगों का दर्द सामने देखा है जो प्रतिबंध की वजह से यात्रा नहीं कर पाए-जिनमें से एक पिछले हफ्ते ही लागू हुआ है।’ विदेश मंत्रालय और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से ट्विटर पर किए गए अनुरोध में एक प्रभावित छात्रा नेतल ने कहा, ‘मुझे ब्रिटेन से भारत की उड़ान के लिए नितांत आवश्यकता है। मेरी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और मेरे लिए बेंगलूरु की उड़ान लेना अनिवार्य है।’ उसने कहा, ‘एमईए भारत से अतिशीघ्र मदद का अनुरोध। नियमों के कुछ अपवाद भी होने चाहिए।’ एनआईएसएयू-यूके ने नए साल पर शैक्षणिक सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक परामर्श जारी किया है और पुष्टि की कि ब्रिटेन के गृह विभाग के नियमों के मुताबिक नए स्नातकों या अध्ययन के बाद काम के वीजा को लेकर उनके आवेदन पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।