छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर रेमडेसिविर इंजेक्शन, कोविड-19 टीके, हाइड्रोक्लोरोक्वीन टैबलेट, वेंटिलेटर और ऑक्सीमीटर सहित जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दिए जाने की मांग की है।
पत्र में देव ने सीतारमण से अनुरोध किया है कि तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जीएसटी परिषद की बैठक की जाए, जो पिछली बार 6 महीने से ज्यादा समय पहले हुई थी। उन्होंने 16 सामान को जीएसटी से छूट दिए जाने की मांग की है, जो कोविड-19 से लड़ाई में अहम हैं। इनमें विटामिन सी टैबलेट, टोक्लीजुमैब, आइवरवेक्टिन, इनॉक्सापैरिन, मेडिकल ऑक्सीजन आदि शामिल हैं, जिन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। जीएसटी परिषद में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले देव ने पत्र लिखकर कहा है, ‘पिछले एक साल से ज्यादा समय से राज्य और केंद्र का राजस्व संग्रह कोरोना महामारी के कारण अनुमान से कम रहा है, जिसका असर राजकोषीय स्थिति पर पड़ा है। इसी तरह से देश के नागरिकोंं की आमदनी भी प्रभावित हुई है। देश इस समय कोविड महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है, ऐसे में इसके उपचार में काम आ रही दवाओं व उपकरणों को जीवन रक्षक दवाओं के रूप में मानते हुए जीएसटी से छूट दिए जाने की जरूरत है।’ उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जीएसटी परिषद की बैठक कराए जाने का अनुरोध किया है, जिसमें इन दवाओं को जीएसटी मुक्त किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा, ‘जीएसटी परिषद की बैठक पिछली बार 5 अक्टूबर को हुई थी, जिसको 6 महीने से ज्यादा हो चुके हैं। कोविड को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिषद की बैठक की जानी चाहिए।