केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन की विशेषज्ञ समिति ने आज सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका टीके के बारे में और जानकारियां मांगी। मगर आज ही ब्रिटेन के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्पाद नियामक प्राधिकरण (एमएचआरए) ने इस टीके को मंजूरी दे दी। उद्योग के सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी। ब्रिटेन के प्राधिकरण ने कई सप्ताह ब्योरों को जांचने के बाद इस टीके को मंजूरी दी है। इससे भारत में जनवरी तक कोविड के टीके लगाने की शुरुआत होने की उम्मीद जगी है, मगर भारतीय नियामक मंजूरी में पूरी सतर्कता बरत रहा है।
उद्योग के सूत्रों के मुताबिक विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) को सलाह दे रही है। एसईसी ने अभी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनैशनल के आवेदनों को मंजूरी नहीं दी है। एक सूत्र ने कहा, ‘इसने कंपनियों से खुराक और विषयों की अन्य अद्यतन सूचनाओं के बारे में बारीक जानकारियां मांगी हैं।’ सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया मात्रा के लिहाज से विश्व की सबसे बड़ी टीका विनिर्माता है। यह अगले कुछ दिनों में नियामक की अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद कर रही है।
ब्रिटेन के प्राधिकरण ने ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका टीके को 18 साल या अधिक उम्र के लोगों पर इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है। इसमें दो खुराक शामिल हैं। इस टीके में पहली खुराक के 4 से 12 सप्ताह बाद दूसरी खुराक दी जाती है। कंपनी रोलिंग समीक्षा प्रक्रिया के तहत सितंबर, 2020 से ब्रिटेन के नियामक को ब्योरे सौंप रही है, जिसमें ब्योरे की उपलब्ध होने के साथ चरणबद्ध तरीके से समीक्षा की जा सकती है। बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन ने 10 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया है, जो पांच करोड़ लोगों के टीकाकरण के लिए पर्याप्त है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैंकोक ने कहा कि जब इसमें फाइजर-बायोएनटेक के टीके के ऑर्डर को भी शामिल कर देते हैं तो इन खुराकों से पूरी आबादी को टीके लगाए जा सकते हैं।
समिति ने सीरम से ब्रिटिश प्राधिकरण के टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी के नतीजा आकलन का ब्योरा भी दो सप्ताह में मांगा है। समिति ने कंपनी से कहा है कि वह ब्रिटेन और भारत में चिकित्सकीय परीक्षणों के दूसरे और तीसरे चरण के अद्यतन सुरक्षा आंकड़े, रोग प्रतिरोधक क्षमता के आंकड़े मुहैया कराएं। ब्रिटेन के प्राधिकरण के मंजूरी देने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने कहा, ‘यह शानदार और हौसला बढ़ाने वाली खबर है। हम भारतीय नियामकों की आखिरी मंजूरी का इंतजार करेंगे।’
पुणे की इस कंपनी के संस्थापक साइरस पूनावाला ने मीडिया को बताया कि अभी तक सरकार ने कोई खरीद समझौता या खरीद का कोई पक्का वादा नहीं किया है। लेकिन सीरम ने कहा है कि टीके को आपात मंजूरी मिलने के बाद उसके पास उपलब्ध स्टॉक 4 से 5 करोड़ खुराक की भारत को आपूर्ति की जाएगी। जब कंपनी का तीसरा संयंत्र मार्च 2021 में चालूू हो जाएगा तो उसकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 करोड़ खुराक प्रति माह हो जाएगी। यह क्षमता जुलाई 2021 तक 30 करोड़ खुराक पर पहुंच जाएगी। भारत ने पहले चरण में 30 करोड़ लोगों के टीकाकरण की योजना बनाई है। यह टीका स्वास्थ्य कर्मियों, अंग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और 50 साल से अधिक उम्र या पहले से स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को लगाया जाएगा। सीरम का कोवैक्स के साथ भी करार है, जिसे कोविड-19 वैक्सींस ग्लोबल एक्सेस फैसिलिटी के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें भारत ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके की 20 करोड़ खुराक का हिस्सेदार है। कंपनी ने कहा है कि वह भारत समेत 92 न्यून एवं मध्य आय वाले देशों को 3 डॉलर की दर पर 10 करोड़ तक खुराक मुहैया कराएगी।ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भंडारित करने की जरूरत होती है।