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Kamal Nath के BJP में शामिल होने की अटकलों के बीच उनके समर्थक विधायक पहुंचे दिल्ली

कमलनाथ के करीबी सूत्रों ने बताया कि यहां पहुंचे मध्य प्रदेश के विधायकों में तीन छिंदवाड़ा से हैं जबकि क्षेत्र के अन्य तीन विधायक दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

Last Updated- February 18, 2024 | 4:54 PM IST
Congress leader Kamal Nath in Delhi
Congress leader Kamal Nath in Delhi

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नुकुल नाथ के कांग्रेस छोड़कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों के बीच उनके (कमलनाथ) समर्थक करीब आधा दर्जन विधायक रविवार को दिल्ली पहुंच गये।

कमलनाथ के करीबी सूत्रों ने बताया कि यहां पहुंचे मध्य प्रदेश के विधायकों में तीन छिंदवाड़ा से हैं जबकि क्षेत्र के अन्य तीन विधायक दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं। कमलनाथ छिंदवाड़ा से नौ बार सांसद रह चुके हैं और फिलहाल वहां से वह विधायक हैं। गत नवंबर में हुए मप्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

कमलनाथ के ये समर्थक विधायक फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि कमलनाथ के समर्थक एवं पूर्व मंत्री लखन घनगोरिया भी दिल्ली में उनके साथ डेरा डाले हुए हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कमलनाथ के समर्थक दीपक सक्सेना ने छिंदवाड़ा में संवाददाताओं से कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद जिस तरह उन्हें प्रदेश पार्टी अध्यक्ष पद से हटाया गया, उससे वह आहत हैं।

सक्सेना ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए। वह जो भी निर्णय लेंगे, हम उसमें उनके साथ रहेंगे।’’ कमलनाथ के अन्य समर्थक और राज्य के पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा ने अपने ‘एक्स’ प्रोफाइल पर ‘जय श्री राम’ लिखा।

पूर्व सांसद वर्मा ने कहा, ‘‘ मैं कमलनाथ का अनुसरण करूंगा।’’ पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया कि कमलनाथ का धड़ा 23 विधायकों को अपने साथ लाने का प्रयत्न कर रहा है ताकि दल-बदल कानून उनपर लागू न हो। मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 66 विधायक हैं। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के वकील राकेश पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ एक तिहाई विधायकों के पाला बदल लेने की स्थिति में दलबदल कानून लागू नहीं होंगे।’’

इसके पहले मार्च, 2020 में कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ज्योतिदिरात्य सिंधिया और उनके कई समर्थक विधायक भाजपा में चले गये थे जिससे कमलनाथ की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार गिर गयी थी।

First Published - February 18, 2024 | 4:54 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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