सरकार एक खास उम्र से छोटे बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए सोशल मीडिया मध्यस्थों से बातचीत कर रही है। यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।
वैष्णव ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘अब कई देश इस बात को मान रहे हैं कि सोशल मीडिया के उपयोग के लिए उम्र आधारित विनियमन होना चाहिए। यह हमारे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा यानी डीपीडीपी अधिनियम का हिस्सा था और उसी दौरान हमने युवाओं के लिए उपलब्ध सामग्री का वर्गीकरण उम्र के आधार पर किया था।’
मंत्री ने कहा कि सरकार एक निश्चित उम्र से छोटे बच्चों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग पर प्रतिबंध पर विचार करने के अलावा डीपफेक पर अंकुश लगाने के लिए बेहतरीन समाधानों पर भी मध्यस्थों के साथ चर्चा कर रही है। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने भी अपने राज्य में इस नियम को लागू करने का संकेत दिया। उसके बाद अन्य राज्यों ने भी कहा कि वे इस पर विचार कर सकते हैं।
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में संभावित निवेश के बारे में वैष्णव ने कहा कि देश को अब तक विभिन्न कंपनियों और वेंचर कैपिटल (वीसी) फंडों से लगभग 90 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में यह आंकड़ा 200 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। अधिकांश निवेश डेटा सेंटर में होने की संभावना है।
गूगल, मेटा, एमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट के अलावा अदाणी कॉनेक्स और भारती नेक्स्ट्रा जैसी कंपनियों से निवेश प्रतिबद्धताएं पहले ही मिल चुकी हैं। अदाणी ने अक्षय ऊर्जा से संचालित, हाइपरस्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर में अगले एक दशक के दौरान 250 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। वैष्णव ने कहा कि यह निवेश एआई स्टैक के सभी पांच स्तरों में होगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि एनवीडिया एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर फर्मों में बड़े निवेश के लिए भारतीय कंपनियों के साथ काम कर रही है। मगर उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने इनकार किया। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन के दूसरे चरण का ध्यान अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, एआई के प्रसार और एआई मिशन 1.0 के तहत विकसित सामान्य कंप्यूट को बेहतर करने पर होगा।
मंत्रालय अगले सप्ताह 20,000 ग्राफिक प्रॉसेसिंग यूनिट (जीपीयू) के लिए ऑर्डर देगा। उसके पास 38,000 जीपीयू पहले से ही मौजूद हैं। पिछले दो सप्ताह के दौरान कई आईटी सेवा कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इन कंपनियों के लिए वैष्णव ने कहा कि जब भी कोई प्रौद्योगिकी संक्रमण दौर शुरू होता है तो उसे उसका प्रबंधन उद्योग और शिक्षा जगत के बीच साझेदारी के जरिये किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘रिस्किलिंग, अपस्किलिंग और प्रतिभाओं की एक नई पाइपलाइन तैयार करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।’
(साथ में उदिशा श्रीवास्तव)