छत्तीसगढ़ में तकरीबन 400 नक्सलियों के एक समूह ने सुरक्षाकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें सुरक्षा बलों के कम से कम 22 जवान शहीद हो गए हैं और 31 अन्य घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों के 1,500 जवानों की टुकड़ी ने बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा के आसपास के क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना पर दोपहर के बाद तलाशी और नष्ट करने का अभियान शुरू किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हो गए थे तथा 18 अन्य जवान लापता थे।
इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात कर राज्य को हर तरह की सहायता का आश्वासन दिया। चुनावी दौरे पर असम गए शाह रविवार देर शाम दिल्ली लौट आए और उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस वर्ष की अब तक की सबसे बड़ी नक्सली घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने खोजी अभियान तेज कर दिया है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने रविवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से डीआरजी के 8 जवानों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन के 7 जवानों, एसटीएफ के 6 जवानों तथा सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन के 1 जवान का शव बरामद किया है। वहीं कोबरा बटालियन का 1 अन्य जवान लापता है।
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के जवानों के शहीद होने की घटना के मद्देनजर रविवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह को स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य जाने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भी बात की और हालात का जायजा लिया।
बघेल ने कहा कि राज्य सरकार हिंसा के इन कृत्यों से डरती नहीं है और उसने राज्य के हर हिस्से में विकास करने करने का संकल्प लिया है। इससे पहले, अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘हम शांति और प्रगति के इन दुश्मनों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘मैं जीवन का बलिदान करने वाले इन जवानों को श्रद्धांजलि देती हूं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।’