facebookmetapixel
Ultratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछलाKotak Mahindra Bank Q3 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹4,924 करोड़ पर, होम लोन और LAP में 18% की ग्रोथमध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरलघर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? RBI की दर कटौती के बाद जानें कहां किस रेट पर होम लोन मिल रहा हैदिल्ली में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई ठंडGDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकता

टूटा अफगानी छात्राओं का विदेश में पढ़ने का सपना, तालिबान बना रोड़ा

तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज़ होने के बाद वादा किया था कि उसका इस बार का शासन 1990 के दशक की हुकूमत से अधिक उदार होगा।

Last Updated- August 23, 2023 | 10:24 PM IST
Afghanistan women

तालिबान ने पढ़ाई के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने वाली सैकड़ों छात्राओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी है। उन्हें छात्रवृत्ति मुहैया कराने वाले एक समूह ने यह जानकारी दी है। अल हबतूर समूह के प्रमुख खल्फ अहमद अल हबतूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “ मैं कितना मायूस महसूस कर रहा हूं यह मैं बयान नहीं कर पा रहा हूं, क्योंकि जिन्हें मैंने छात्रवृत्ति मुहैया कराई थी, वे दुर्भाग्य से दुबई हवाई अड्डा नहीं पहुंच सकीं।”

अल हबतूर ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को दुबई विश्वविद्यालय में पढ़ने का मौका उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में दाखिला लेने और रहने की व्यवस्था होने और स्वास्थ्य बीमा समेत सभी चीज़ें पूर्ण होने के बावजूद छात्राओं की आकांक्षाओं को कुचल दिया गया।

तालिबान के प्रवक्ता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। अल हबतूर ने सभी पक्षों से संघर्षरत छात्राओं की मदद करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत, शिक्षा, समानता और इंसाफ के सिद्धांत पर प्रहार है।

Also Read: Chandrayaan-3: NASA से लेकर खेल और बॉलीवुड तक के सितारों ने ISRO जाहिर की खुशी, पढ़े सेलिब्रिटीज के रिएक्शन

तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज़ होने के बाद वादा किया था कि उसका इस बार का शासन 1990 के दशक की हुकूमत से अधिक उदार होगा। लेकिन उसने सत्ता संभालने के बाद कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।

उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन के करीब-करीब सभी क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और उनकी मीडिया स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया है। उन्होंने छठी कक्षा के बाद लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक लगा दी तथा अफगान महिलाओं को स्थानीय और गैर सरकारी संगठनों में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया।

First Published - August 23, 2023 | 10:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट