facebookmetapixel
Advertisement
Defence Stocks: ₹7 लाख करोड़ की खरीदारी पाइपलाइन, इन शेयरों में 32% तक तेजी का टारगेटविदेश में भी अब चलेगा भारत का UPI, NRI के साथ तैयार हो रहा ग्लोबल नेटवर्क: NPCI₹2 लाख करोड़ के क्लब में Motilal Oswal AMC, SIP निवेश ने बनाया नया रिकॉर्डTitan Share Price: दमदार Q1 के बाद शेयर में 2% की तेजी, ब्रोकरेज ने बताया 21% तक का Upside, क्या अभी खरीदें?57 अरब डॉलर निकालने के बाद बदला FIIs का रुख, क्या अब भारतीय बाजार पकड़ेगा रफ्तार?CWG 2026 के सितारों से मिले PM मोदी, मेडल जीतने वालों की जमकर तारीफ, बोले- आपकी जीत युवाओं को खेलों से जोड़ेगीSBI के गोल्ड लोन में करीब 100% उछाल, क्या यही बन रहा नया ग्रोथ इंजन? 4 ब्रोकरेज बुलिश, जानिए टारगेटDLF ने गुरुग्राम में बेचा 271 करोड़ का पेंटहाउस, रियल एस्टेट में नया रिकॉर्डGold silver price today: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों से सोना चढ़ा, चांदी भी ₹2033 उछलीCoding Agents का बढ़ता जलवा, क्या अब इंजीनियरों की जरूरत होगी खत्म? Datadog CTO ने बताया AI का असली असर

टूटा अफगानी छात्राओं का विदेश में पढ़ने का सपना, तालिबान बना रोड़ा

Advertisement

तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज़ होने के बाद वादा किया था कि उसका इस बार का शासन 1990 के दशक की हुकूमत से अधिक उदार होगा।

Last Updated- August 23, 2023 | 10:24 PM IST
Afghanistan women

तालिबान ने पढ़ाई के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने वाली सैकड़ों छात्राओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी है। उन्हें छात्रवृत्ति मुहैया कराने वाले एक समूह ने यह जानकारी दी है। अल हबतूर समूह के प्रमुख खल्फ अहमद अल हबतूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “ मैं कितना मायूस महसूस कर रहा हूं यह मैं बयान नहीं कर पा रहा हूं, क्योंकि जिन्हें मैंने छात्रवृत्ति मुहैया कराई थी, वे दुर्भाग्य से दुबई हवाई अड्डा नहीं पहुंच सकीं।”

अल हबतूर ने कहा कि उन्होंने महिलाओं को दुबई विश्वविद्यालय में पढ़ने का मौका उपलब्ध कराया था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में दाखिला लेने और रहने की व्यवस्था होने और स्वास्थ्य बीमा समेत सभी चीज़ें पूर्ण होने के बावजूद छात्राओं की आकांक्षाओं को कुचल दिया गया।

तालिबान के प्रवक्ता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। अल हबतूर ने सभी पक्षों से संघर्षरत छात्राओं की मदद करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत, शिक्षा, समानता और इंसाफ के सिद्धांत पर प्रहार है।

Also Read: Chandrayaan-3: NASA से लेकर खेल और बॉलीवुड तक के सितारों ने ISRO जाहिर की खुशी, पढ़े सेलिब्रिटीज के रिएक्शन

तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज़ होने के बाद वादा किया था कि उसका इस बार का शासन 1990 के दशक की हुकूमत से अधिक उदार होगा। लेकिन उसने सत्ता संभालने के बाद कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।

उन्होंने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन के करीब-करीब सभी क्षेत्रों में प्रतिबंधित कर दिया है और उनकी मीडिया स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया है। उन्होंने छठी कक्षा के बाद लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक लगा दी तथा अफगान महिलाओं को स्थानीय और गैर सरकारी संगठनों में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया।

Advertisement
First Published - August 23, 2023 | 10:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement