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रूस-यूक्रेन जंग: परमाणु हमले की आशंका बढ़ी

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:00 PM IST

यूक्रेन के सैनिकों से मिल रहे कड़े प्रतिरोध और सख्त प्रतिबंधों से तिलमिलाए रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने रूस के परमाणु हथियारों को इस्तेमाल के लिए तैयार रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही इस युद्ध के और भड़कने की आशंका प्रबल हो गई है। उन्होंने कहा कि नाटो ने रूस के प्रति ‘आक्रामक बयान’ दिए थे और रूस पर लगाए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का हवाला दिया। वहीं दूसरी तरफ नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने सीएनएन को बताया कि पुतिन का रूस के परमाणु बलों को अलर्ट रहने की बात कहना खतरनाक है। इस बीच रूस ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान युद्ध समाप्त करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। आर्थिक प्रतिबंधों के अलावा, यूरोपीय संघ ने रूस की विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने पर सहमति जताई है और इसके अलावा यूक्रेन भेजने के लिए हथियारों पर करोड़ों यूरो खर्च किए हैं। वहीं अमेरिका ने स्टिंगर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को सीधे यूक्रेन भेजने को पहली बार मंजूरी दी है। इनका उपयोग हेलीकॉप्टरों और अन्य विमानों को मार गिराने के लिए किया जा सकता है। इस फैसले की पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों ने की है। अमेरिका के विदेश विभाग ने भी बेलारूस में अमेरिकी दूतावास को बंद कर दिया और अमेरिकी राजनयिकों को भी रूस से वापस आने की अनुमति दे दी है।
यूक्रेन पर रूस के हमले को पांच दिन हो गए हैं। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव की सड़कों पर युद्ध चल रहा है जबकि सैनिक राजधानी कीव के नजदीक पहुंच रहे हैं।        

अधिकारियों की वार्ता
रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों ने वार्ता के लिए सोमवार को मुलाकात की। रूस ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में जमीन पर सबसे बड़ी लड़ाई छेड़ रखी है लेकिन उसे अप्रत्याशित कड़े विरोध से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन और रूस के अधिकारी पहली बार आमने-सामने वार्ता की मेज पर बैठे। वार्ता की विशाल मेज पर एक तरफ यूक्रेन का झंडा और दूसरी ओर रूस का तिरंगा था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय ने कहा कि वह तत्काल संघर्ष विराम और रूसी सैनिकों की वापसी की मांग करेगा।
यूक्रेन ने रक्षा मंत्री एवं अन्य शीर्ष अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा जबकि रूस के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पुतिन के संस्कृति विषयक सलाहकार कर रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि रूस वार्ता को किस नजरिये से देखता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन इस वार्ता से या युद्ध से क्या चाह रहे हैं।     भाषा

प्रधानमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट को लेकर सोमवार शाम को एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्रियों हरदीप पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू, वी के सिंह के अलावा कई शीर्ष अफसरशाह मौजूद रहे। इससे पहले रविवार शाम को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान भी इनमें से अधिकतर लोग मौजूद रहे थे। इससे पहले हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंचकर भारतीयों की सुरक्षित निकालने के लिए समन्वय की जिम्मेदारी दी थी। इसके तहत, वी के सिंह पोलैंड में, किरन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और मोलदोवा में समन्वय करेंगे।

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First Published - February 28, 2022 | 11:38 PM IST

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