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Pakistan Church attacks: पाकिस्तान में गिरजाघरों, ईसाइयों के घरों पर हुए हमलों की जांच के आदेश, 100 से अधिक गिरफ्तार

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पाकिस्तान के फैसलाबाद जिले की जरांवाला तहसील में दो ईसाइयों द्वारा कुरान का अपमान करने की कथित खबरों से गुस्साई भीड़ ने सैकड़ों गिरजाघरों और घरों को जला दिया

Last Updated- August 17, 2023 | 6:24 PM IST
Over 100 arrested, probe ordered in attacks on churches and homes of Christians in Pakistan
Reuters

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 21 गिरजाघरों पर भीड़ के हमले के संबंध में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार ने ईशनिंदा के आरोपों को लेकर हुई हिंसा के संबंध में गुरुवार को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

प्रांतीय राजधानी से करीब 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले की जरांवाला तहसील में दो ईसाइयों द्वारा कुरान का अपमान करने की कथित खबरों से गुस्साई भीड़ ने सैकड़ों गिरजाघरों और घरों को बुधवार को जला दिया।

पंजाब सरकार के अनुसार, कथित ईशनिंदा को लेकर ईसाइयों के घरों और गिरजाघरों पर हमला करने के आरोप में चरमपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कार्यकर्ताओं सहित 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

प्रांत के कार्यवाहक सूचना मंत्री आमिर मीर ने एक बयान में कहा, ‘पंजाब पुलिस ने जरांवाला में गिरजाघरों और अल्पसंख्यक समुदाय के घरों पर हमलों में शामिल 100 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। आतंकवाद और ईशनिंदा के आरोप के तहत 600 संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।’

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बहाल कर दी गई है और गिरजाघरों तथा अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के लोगों के घरों के बाहर पुलिस और रेंजर्स की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है। मीर ने कहा कि पुलिस ने विभिन्न इमारतों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए कई प्रयासों को विफल कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

जिला प्रशासन ने जरांवाला में सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को छोड़कर सभी प्रकार के जमावड़े पर रोक लगाते हुए सात दिन के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जरांवाला में गुरुवार को सभी शैक्षणिक संस्थान, बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

फैसलाबाद में ईसाई समुदाय के नेताओं ने जरांवाला में उनके धार्मिक स्थानों और घरों को हुए नुकसान का आकलन किया। उन्होंने कहा कि ईशनिंदा के झूठे आरोप में कुल 21 गिरजाघरों में आगजनी या तोड़फोड़ की गई, बाइबिल की सैकड़ों प्रतियों को आग लगा दी गई।

‘पाकिस्तान सेंटर फॉर लॉ एंड जस्टिस’ के नेपोलियन कय्यूम ने बताया, ‘बुधवार को भीड़ ने 21 गिरजाघरों और एक पादरी के आवास सहित ईसाइयों के 35 घरों को या तो पूरी तरह से जला दिया या तोड़फोड़ की।’

हिंसा के बाद जरांवाला में 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी और पाकिस्तान रेंजर्स की दो कंपनियां तैनात की गई हैं।

कय्यूम ने कहा, ‘अधिकतर ईसाइयों ने अपनी जान बचाने के लिए क्षेत्र छोड़ दिया और वे तभी लौटेंगे जब गिरजाघरों और इसाइयों के घरों पर हमलों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ ‘चर्च ऑफ पाकिस्तान’ के अध्यक्ष बिशप आजाद मार्शल ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि बाइबिल की प्रतियां जला दी गईं और ईसाई समुदाय के सदस्यों पर ‘‘पवित्र कुरान का अनादर करने का झूठा आरोप लगाया गया’ तथा उन्हें प्रताड़ित किया गया।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक बयान में मांग की है कि ‘अधिकारियों को अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।’ इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने ‘अल्पसंख्यक समुदायों और उनके उपासना स्थलों की सुरक्षा’ के लिए 70 सदस्यीय विशेष इकाई का गठन किया।

इस्लामाबाद पुलिस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘70 जवानों (पुलिसकर्मियों) को अल्पसंख्यक सुरक्षा इकाई में तैनात किया गया है।’

पोस्ट में कहा गया है कि सभी जिला पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्रों में अल्पसंख्यक पूजा स्थलों और समुदायों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होंगे। ‘सेंटर फॉर सोशल जस्टिस’ (सीएसजे) के अनुसार, 16 अगस्त, 2023 तक लगभग 198 लोगों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है, जिनमें से 85 प्रतिशत मुस्लिम, नौ प्रतिशत अहमदिया और 4.4 प्रतिशत ईसाई हैं।

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First Published - August 17, 2023 | 6:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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