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मॉरिशस से सीमित कारोबारी समझौते को मिली मंजूरी

Last Updated- December 12, 2022 | 8:10 AM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत तथा मॉरिशस के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौते (सीईसीपीए) को मंजूरी दे दी, जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार में सुधार हो सके।
यह समझौता सीमित समझौता है, जिसमें वस्तुओं के व्यापार, मूल नियमों, सेवाओं में व्यापार, व्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी), स्वच्छता और पादप स्वच्छता (एसपीएस) उपायों, विवाद निपटान, नागरिकों के आवागमन, दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं और अन्य क्षेत्रों में सहयोग जैसे विषय आएंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि सीईसीपीए पहला कारोबारी समझौता है, जो भारत और किसी अफ्रीकी देश के साथ हुआ है।
भारत और मॉरीशस के बीच सीईसीपीए में भारत के लिए 310 निर्यात वस्तुओं को शामिल किया गया है जिसमें खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ (80 शृंखला), कृषि उत्पाद (25 शृंखला), वस्त्र और वस्त्र उत्पाद (27 शृंखला), आधार धातु और इनसे बने उत्पाद (32 शृंखला), बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद (13 शृंखला), प्लास्टिक और रसायन (20 शृंखला), लकड़ी तथा लकड़ी से बने सामान (15 शृंखला) और अन्य शामिल हैं।
मॉरिशस को अपने 615 उत्पादों के लिए प्राथमिकता की आधार पर भारतीय बाजार में पहुंच से लाभ मिलेगा। इनमें फ्रोजेन फिश, विशेष प्रकार की चीनी, बिस्कुट, ताजे फल, जूस, मिनरल वाटर, बियर, मादक पेय, साबुन, बैग, चिकित्सा और शल्य-चिकित्सा उपकरण और परिधान शामिल हैं। सेवा-व्यापार के संबंध में, भारतीय सेवा प्रदाताओं को 11 व्यापक सेवा क्षेत्रों जैसे पेशेवर सेवाओं, कंप्यूटर से संबंधित सेवाओं, अनुसंधान और विकास अन्य व्यावसायिक सेवाओं सहित 115 उपक्षेत्रों तक पहुंच होगी।
भारत ने इसके अलावा भारत ने 11 व्यापक सेवा क्षेत्रों के अंतर्गत लगभग 95 उप-क्षेत्रों की पेशकश की है ।

First Published - February 17, 2021 | 11:06 PM IST

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