facebookmetapixel
मध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरलघर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? RBI की दर कटौती के बाद जानें कहां किस रेट पर होम लोन मिल रहा हैदिल्ली में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई ठंडGDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकताVisa फ्लेक्स जल्द ही भारत में आएगा, एक ही कार्ड से डेबिट और क्रेडिट दोनों का मिलेगा लाभबिकवाली और आयातकों की मांग से रुपया डॉलर के मुकाबले 91.96 पर, एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बनी

Japan Earthquake: भूकंप से कम से कम 62 लोगों की मौत, मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए संघर्ष जारी

जापान के इशिकावा प्रांत और आसपास के इलाकों में 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद भी दो दिन तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।

Last Updated- January 03, 2024 | 11:53 AM IST
Japan Earthquake

Earthquake in Japan: पश्चिमी जापान में एक के बाद एक आए भूकंप के कई झटकों में बुधवार तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो गई। बचावकर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

जापान के इशिकावा प्रांत और आसपास के इलाकों में 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद भी दो दिन तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। कुछ क्षेत्रों में पानी, बिजली और फोन सेवाएं अब भी बंद हैं।

स्थानीय निवासी तबाह हुए घरों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अपने घर के आसपास से मलबा हटाने में लगी इशिकावा निवासी मिकी कोबायाशी ने कहा,‘‘ दीवारें ढह गई हैं मुझे नहीं लगता कि घर अब रहने लायक है।’’

उन्होंने कहा कि 2007 में भी भूकंप में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया था। इशिकावा के प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार,वाजिमा शहर में 29 लोगों की मौत हुई है जबकि सुजु में 22 लोगों की जान चली गई।

वहीं, आसपास के प्रांतों में दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आपदाओं में विशेषज्ञता रखने वाले ‘यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो’ के प्रोफेसर तोशिताका कटाडा ने कहा कि इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई बार भूकंप आए हैं जिस कारण लोग इस आपदा के लिए तैयार थे। उनके पास बच निकलने की योजना और आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए सामग्री थी।

उन्होंने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, “धरती पर संभवतः ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो जापान के लोगों की तरह आपदा के लिए तैयार हो।” जापान भूकंप और ज्वालामुखी के लिहाज से संवेदनशील इलाके में स्थित है।

First Published - January 3, 2024 | 11:53 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट