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भारतीय एल्कोहल पेय उत्पादों को यूरोप में मिले बेहतर बाजार पहुंच: CIABC

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CIABC ने एक बयान में कहा कि एल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर EU के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) ब्रिटेन से अलग नहीं होना चाहिए।

Last Updated- December 17, 2023 | 7:17 PM IST
Alcohol

एल्कोहल आधारित पेय उत्पाद विनिर्माताओं के संघ CIABC ने रविवार को घरेलू उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजारों में अधिक बाजार पहुंच और गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने की मांग की।

भारतीय मादक पेय कंपनियों के परिसंघ (CIABC) ने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) को गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करना चाहिए, जो अधिकांश भारतीय उत्पादों को उनके बाजार में बिक्री से रोकती हैं।

CIABC ने एक बयान में कहा कि एल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) ब्रिटेन से अलग नहीं होना चाहिए, जिसके लिए बातचीत वर्तमान में चल रही है।

संघ ने कहा कि किसी उत्पाद को व्हिस्की मानने के लिए उसके कम से कम तीन साल पुराना होने और ब्रांडी के लिए एक साल की समयसीमा भारत में बने उत्पादों पर लागू नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यहां जलवायु गर्म है और शराब जल्दी तैयार हो जाती है।

CIABC के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा, “कई बार वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ साबित किया गया है कि इतनी लंबी परिपक्वता अवधि भारत की गर्म जलवायु पर लागू नहीं होती है। हमारा मानना ​​है कि यह प्रभावी रूप से एक गैर-शुल्क बाधा है क्योंकि लंबी परिपक्वता अवधि की शर्त से भारतीय उत्पादों की लागत 30-40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। भारतीय जलवायु में स्पिरिट हर साल 10-15 प्रतिशत (यूरोप में 1-2 प्रतिशत की तुलना में) वाष्पित हो जाती है।”

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First Published - December 17, 2023 | 7:17 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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