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कोयला इस्तेमाल में कटौती के वादे के बावजूद दुनियाभर में इसका उपयोग बढ़ा

Last Updated- April 06, 2023 | 9:09 AM IST
Coal import

ग्लोबल वार्मिंग के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार माने जाने वाले कोयले के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से कम करने के वादे के बावजूद बिजली, सीमेंट, इस्पात और अन्य चीजों के लिए 2022 में कोयले का उपयोग बढ़ा है। एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

दुनियाभर में विभिन्न ऊर्जा परियोजना पर नजर रखने वाले संगठन ‘ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर’ ने बताया कि कोयले के भंडार में पिछले साल 19.5 गीगावाट की वृद्धि हुई, जो एक करोड़ 50 लाख मकानों में बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब सभी नयी कोयला परियोजनाएं चीन में शुरू हुई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि यह एक प्रतिशत की वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब दुनिया को जलवायु परिवर्तन से निपटने के वास्ते आवश्यक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपने कोयले के भंडार में साढ़े चार गुना तेजी से कटौती करने की जरूरत है।

दुनिया भर के देशों ने 2021 में ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद के लिए कोयले के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम करने का वादा किया था।

इसके अनुसार, 14 देशों में नए कोयला संयंत्र बने और आठ देशों ने नयी कोयला परियोजनाओं की घोषणा की। चीन, भारत, इंडोनेशिया, तुर्किये और जिम्बाब्वे ऐसे देश हैं, जिन्होंने नए कोयला संयंत्र खोलने के साथ-साथ नयी परियोजनाओं की भी घोषणा की। जिन नयी कोयला परियोजनाओं की घोषणा की गई हैं, उनमें से 92 प्रतिशत चीन में हैं।

चीन ने 26.8 गीगावाट कोयले का इस्तेमाल बढ़ाया और भारत ने अपने बिजली ग्रिड में लगभग 3.5 गीगावाट नयी कोयला बिजली क्षमता जोड़ी। चीन ने लगभग 100 गीगावाट की नई कोयला बिजली परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका निर्माण इस साल शुरू होने की संभावना है।

नयी दिल्ली स्थित ऊर्जा अर्थशास्त्र एवं वित्तीय विश्लेषण संस्थान में ऊर्जा विश्लेषक शांतनु श्रीवास्तव ने कहा कि वैश्विक महामारी और यूक्रेन में युद्ध ने कुछ देशों को अस्थायी रूप से जीवाश्म ईंधन का अधिक इस्तेमाल करने को बाध्य कर दिया है।

First Published - April 6, 2023 | 9:08 AM IST

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