facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

बढ़ते विवाद के बीच ट्रूडो का बयान, कहा-भारत खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या मामले में न्याय के लिए कनाडा का दें साथ

भारत और कनाडा के बीच, खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर राजनयिक विवाद जारी है।

Last Updated- September 21, 2023 | 11:18 PM IST
India Canada diplomatic row: Indian High Commissioner accuses Canadian Prime Minister of ruining bilateral relations भारतीय उच्चायुक्त ने कनाडाई प्रधानमंत्री पर द्विपक्षीय संबंधों को बर्बाद करने का लगाया आरोप
PTI

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने गुरुवार को फिर से कहा कि ऐसे ‘‘विश्वसनीय आरोप हैं’’ जिन्हें ‘‘अत्यधिक गंभीरता’’ से लेने की जरूरत है। साथ ही, उन्होंने खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या के मामले में न्याय दिलाने में उनके (ट्रूडो के) देश के साथ काम करने का भारत सरकार से आग्रह किया।

भारत और कनाडा के बीच जारी राजनयिक विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और हमारे साथ काम करे, ताकि इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जा सके और जवाबदेही एवं न्याय सुनिश्चित किया जा सके।’’

ट्रूडे से जब यह पूछा गया कि भारत द्वारा कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवा स्थगित करने के फैसले के बाद क्या उनकी सरकार जवाबी कदम उठाएगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में कानून का शासन है। हम कनाडा के नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाना जारी रखेंगे और अपने मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था को कायम रखेंगे। इसी पर अभी हमारा ध्यान है।’’

खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर राजनयिक विवाद

भारत और कनाडा के बीच, खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर राजनयिक विवाद जारी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ। भारत ने निज्जर को 2020 में आतंकवादी घोषित किया था।

भारत ने मंगलवार को इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया था और इस मामले को लेकर कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया गया।

ट्रूडो से यह पूछे जाने पर कि क्या उनके द्वारा बताए गए सबूत व्यापक हैं, उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से, ऐसे विश्वसनीय आरोप हैं जिन्हें हमें कनाडाई और वास्तव में एक विश्व के रूप में बेहद गंभीरता से लेने की जरूरत है।’’ ट्रूडो ने कहा कि उनकी सरकार उकसाना या समस्या पैदा नहीं करनी चाहती।

भारत का महत्व बढ़ रहा है: ट्रूडो 

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत का महत्व बढ़ रहा है और यह ऐसा देश है जिसके साथ हमें काम करना जारी रखने की जरूरत है, न केवल क्षेत्र में बल्कि पूरी दुनिया में। हम उकसाना या समस्या उत्पन्न नहीं करना चाहते हैं। लेकिन हम कानून के शासन के महत्व और कनाडाई लोगों की सुरक्षा के महत्व के बारे में स्पष्ट हैं।’’

ट्रूडो ने कहा, ‘‘इसलिए हम भारत सरकार से आह्वान करते हैं कि वह इस मामले की सच्चाई की तह तक जाने और उजागर करने के लिए हमारे साथ काम करें और न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करें।’’

इससे पहले, बृहस्पतिवार को भारत ने कनाडा से आतंकवादियों और उसकी धरती से संचालित हो रहे भारत विरोधी तत्वों से सख्ती से निपटने को कहा। भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवा भी स्थगित कर दी। निज्जर की हत्या को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है और संबंध सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं।

भारत ने कनाडा से देश में (भारत में) अपने राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए भी कहा। इसके पीछे नयी दिल्ली ने यह दलील दी कि भारत में कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कनाडा में मौजूदा भारतीय राजनयिक कर्मचारियों की तुलना में ज्यादा है और पारस्परिक उपस्थिति के संदर्भ में संख्याबल और रैंक में समानता होनी चाहिए। भाषा धीरज सुभाष

First Published - September 21, 2023 | 11:18 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट