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भारत से हो सकता है अमेरिका का पहला व्यापार समझौता

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बेसंट ने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 15 से 18 अहम व्यापारिक साझेदारों के साथ विशिष्ट व्यापार समझौते में गंभीरता से शामिल होंगे

Last Updated- April 28, 2025 | 11:08 PM IST
India US Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसंट ने सोमवार को कहा अमेरिका के कई बड़े कारोबारी साझेदारों ने शुल्क से बचने के लिए बहुत अच्छे प्रस्ताव रखे हैं और संभवतः सबसे पहले भारत के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।

बेसंट ने सीएनबीसी से कहा, ‘मेरा अनुमान है कि भारत पहले देशों में होगा, जिनके साथ हम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका की जापान के साथ भी गंभीरता से बातचीत हो रही है और अन्य एशियाई कारोबारी साझेदारों के साथ चर्चा भी सकारात्मक दिशा में है।

बेसंट ने कहा, ‘पिछले सप्ताह उपराष्ट्रपति वेंस भारत में थे। मैंने उल्लेख किया है कि कोरिया गणराज्य के साथ वार्ता बहुत अच्छी रही है, और मुझे लगता है कि हमने जापानी सहयोगियों के साथ कुछ बहुत ही ठोस वार्ता की है।’ बेसंट ने कहा कि पहला ऐसा व्यापार समझौता इस सप्ताह या अगले सप्ताह हो सकता है। चीन द्वारा कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी कर में छूट दिया जाना सकारात्मक कदम है। इससे पता चलता है कि चीन अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव कम करना चाहता है। अमेरिका ने उन वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाकर तनाव बढ़ाने से परहेज किया है।

बेसंट ने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 15 से 18 अहम व्यापारिक साझेदारों के साथ विशिष्ट व्यापार समझौते में गंभीरता से शामिल होंगे, लेकिन सैद्धांतिक रूप से जल्द समझौते पर पहुंचना अहम होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह चीन के वित्त मंत्री से बातचीत करेंगे, जिससे कि दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच बातचीत में तेजी लाई जा सके, बेसंट ने कहा कि हम देखेंगे कि चीन में क्या हो रहा है। यह महत्त्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि चीन यह बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे में हो सकता है कि एक दिन वे मुझसे बात करें। इसके पहले उन्होंने सीएनबीसी से कहा कि ‘सरकार हर तरफ से चीन के संपर्क में है’। उन्होंने जोर दिया कि तनाव कम करना चीन पर निर्भर है, क्योंकि चीन आयात से 5 गुना अधिक सामान अमेरिका को बेचता है।

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First Published - April 28, 2025 | 10:39 PM IST

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