facebookmetapixel
हाइपरसर्विस के असर से ओला इलेक्ट्रिक की मांग और बाजार हिस्सेदारी में तेजी, दिसंबर में 9,020 स्कूटरों का हुआ रजिस्ट्रेशनदिसंबर 2025 में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में उछाल, TVS टॉप पर; बजाज–एथर के बीच मुकाबला तेजव्हीकल रजिस्ट्रेशन में नया रिकॉर्ड: 2025 में 2.8 करोड़ के पार बिक्री, EVs और SUV की दमदार रफ्तारEditorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवालभारत का झींगा उद्योग ट्रंप शुल्क की चुनौती को बेअसर करने को तैयारभारत में राज्यों के बीच निवेश की खाई के पीछे सिर्फ गरीबी नहीं, इससे कहीं गहरे कारणमनरेगा की जगह आए ‘वीबी-जी राम जी’ पर सियासी घमासान, 2026 में भी जारी रहने के आसारबिना बिल के घर में कितना सोना रखना है कानूनी? शादी, विरासत और गिफ्ट में मिले गोल्ड पर टैक्स के नियम समझेंMotilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर

फंसे लोगों को बुखारेस्ट से लाएगी एयर इंडिया

Last Updated- December 11, 2022 | 9:02 PM IST

एयर इंडिया रूस के आक्रमण के चलते यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए अपनी दो उड़ानें शुक्रवार को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट भेजने की योजना बना रही है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जो भी भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंच गए हैं, उन्हें भारत सरकार के अधिकारी बुखारेस्ट ले जाएंगे ताकि उन्हें एयर इंडिया की इन दो उड़ानों के जरिये स्वदेश लाया जा सके। गुरुवार को यूक्रेन के अधिकारियों ने यात्री विमानों के परिचालन के लिए अपने देश का वायु क्षेत्र बंद कर दिया था, इसलिए भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए ये उड़ानें बुखारेस्ट से परिचालित की जा रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया की दोनों ही उड़ानें शनिवार को बुखारेस्ट से रवाना होंगी। हालांकि एयर इंडिया ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को कहा कि वह रोमानिया तथा हंगरी से आने वाले मार्गों को निर्धारित करने का काम कर रहा है। दूतावास ने कहा, ‘वर्तमान में, अधिकारियों की टीम उझोरोद के पास चोप-जाहोनी हंगरी सीमा, चेर्नीवत्सी के पास पोरब्ने-सीरेत रोमानियाई सीमा चौकियों पर पहुंच रही है।’ अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें ज्यादातर विद्यार्थी हैं। दूतावास ने भारतीयों को अपना पासपोर्ट, नकदी (प्राथमिक रूप से डॉलर में), अन्य आवश्यक वस्तुएं और कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र सीमा जांच चौकियों पर अपने पास रखने की सलाह दी है।
दूतावास ने कहा है, ‘भारतीय ध्वज का (कागज पर) प्रिंट निकाल लें और यात्रा के दौरान वाहनों तथा बसों पर उन्हें चिपका दें।’ यूक्रेन की राजधानी कीव और रोमानिया की सीमा के बीच करीब 600 किलोमीटर का फासला है और सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में साढ़े आठ से 11 घंटे लगते हैं। रोमानियाई सीमा जांच चौकी से बुखारेस्ट करीब 500 किलोमीटर की दूरी पर है तथा सड़क मार्ग से उसे तय करने में करीब सात से नौ घंटे लगते हैं। वहीं, कीव और हंगरी की सीमा के बीच करीब 820 किमी की दूरी है और इसे सड़क मार्ग से तय करने में 12-13 घंटे लगते हैं।

सरकार निकासी का पूरा खर्च वहन करेगी
भारत सरकार भारतीय नागरिकों को यूक्रेन की उसके पड़ोसी देशों के साथ लगती सीमाओं के रास्ते से सड़क मार्ग से निकालने का प्रयास कर रही है और फिर उन्हें वतन लाया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीयों के लिए निकासी उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है और परिवहन का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। घटनाक्रम से वाकिफ एक सूत्र ने कहा, ‘भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए निकासी उड़ानों की व्यवस्था कर रही है। इस निकासी के लिए खर्च पूरी तरह से सरकार वहन करेगी।’
भारत हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और रोमानिया के साथ यूक्रेन की सीमाओं के जरिये भारतीयों को निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है क्योंकि यूक्रेन की सरकार ने रूसी सैन्य हमले के बाद देश के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेन में रहने वाले भारतीयों के बारे में ऑनलाइन पंजीकरण से स्पष्ट हुआ था कि वहां 20,000 भारतीय हैं और इनमें से लगभग 4,000 भारतीय नागरिक वतन लौट चुके हैं।    

First Published - February 25, 2022 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट