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जम्मू में भी ‘जीरो टेरर प्लान’ लागू, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में: गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मिशन मोड पर काम करने और समन्वित तरीके से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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भाषा   
Last Updated- June 16, 2024 | 10:55 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। हाल ही में हुई घटनाओं से पता चलता है कि आतंकवाद बड़ी संगठित आतंकी हिंसा से सिमट कर महज एक छद्म लड़ाई रह गया है।

केंद्र शासित प्रदेश में हाल में हुए आतंकवादी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए ‘नॉर्थ ब्लॉक’ में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को सफलता हासिल करने के वास्ते कश्मीर की तर्ज पर जम्मू क्षेत्र में भी आतंकी गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने की नीति लागू करने का निर्देश दिया।

शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू क्षेत्र में हमलों के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा के लिए शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई थी।

शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार नए तरीकों से आतंकवादियों पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को मिशन मोड पर काम करने और समन्वित तरीके से त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और इन क्षेत्रों में सुरक्षा चिंताओं के समाधान पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को कतई बरदाश्त नहीं करने की नीति को दोहराते हुए शाह ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से कश्मीर घाटी में काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आतंकवाद की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। शाह ने कहा कि कश्मीर घाटी में पर्यटकों के रिकॉर्ड संख्या में आने से कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार होने का पता चलता है।

गृह मंत्री ने लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है और हाल की घटनाओं से पता चलता है कि आतंकवाद अत्यधिक संगठित हिंसा से सिमट कर महज छद्म युद्ध में तब्दील हो गया है।

शाह ने 29 जून से शुरू होने जा रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार चलाया जाएगा। इससे तीन दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी मुद्दे पर एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया था।

सूत्रों ने बताया कि पिछले शुक्रवार को हुई बैठक में शाह को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों की तैनाती, घुसपैठ की कोशिशों, आतंकवाद रोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में जानकारी दी गई थी।

आतंकवादियों ने पिछले चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए, जिनमें नौ तीर्थयात्रियों और सीआरपीएफ के एक जवान की मौत हो गई तथा सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गये थे। कठुआ जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए थे और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था।

First Published : June 16, 2024 | 10:55 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)