facebookmetapixel
Advertisement
रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 47% अपसाइड का टारगेटITR Refund Status: रिफंड का इंतजार? 24 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी पेंडिंग; जानें क्या करेंBank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावितजॉब जॉइनिंग में अब नहीं होगी देरी! Aadhaar App से मिनटों में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, जानें डीटेल्सऑफिस का किराया आसमान पर! REITs के लिए खुला कमाई का सुपर साइकिलभारत से ट्रेड डील की फैक्ट शीट में US ने किया संसोधन; दालें हटाई गईं, $500 अरब खरीद क्लॉज भी बदलामौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौकाGold Silver Price Today: सोने चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले चेक करें आज के दामMSCI में फेरबदल: IRCTC इंडेक्स से बाहर, L&T Finance समेत इन स्टॉक्स में बढ़ सकता है विदेशी निवेशQ3 नतीजों के बाद 50% से ज्यादा चढ़ सकता है रेस्टोरेंट कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज बोले – लगाओ दांव

असम में CAA के खिलाफ प्रदर्शन; मोदी, शाह के पुतले फूंके गए

Advertisement

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने गुवाहाटी स्थित राजभवन के सामने प्रदर्शन किया और CAA की प्रतियां जलाईं।

Last Updated- March 12, 2024 | 7:12 PM IST
CAA

सशोधित नागरिकता कानून (CAA) लागू किये जाने के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले फूंके जाने के साथ पूरे असम में मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन हुआ तथा इस कानून की प्रतियां जलाई गईं।

असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (एजेवाईसीपी) ने लखीमपुर में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतले फूंके, जबकि कांग्रेस ने CAA लागू किये जाने के विरोध में जिले के विभिन्न हिस्सों में इस कानून की प्रतियां जलाईं।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने गुवाहाटी स्थित राजभवन के सामने प्रदर्शन किया और CAA की प्रतियां जलाईं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी यहां और कामरूप के रंगिया कस्बे में प्रदर्शन किया, जबकि विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने शहर में अपने-अपने संस्थानों के बाहर प्रदर्शन किए।

शिवसागर जिले में, रायजोर दल, कृषक मुक्ति संग्राम समिति और छात्र मुक्ति परिषद के कार्यकर्ताओं और विधायक अखिल गोगोई ने कानून के खिलाफ प्रदर्शन किये तथा केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस और एजेवाईसीपी द्वारा CAA की प्रतियां जलाने की क्रमश: बारपेटा और नलबारी से भी सूचना मिली है।

असम में 16 दलों के ‘यूनाइटेड ऑपजिशन फोरम असम’ के 12 घंटे के हड़ताल का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। शिवसागर, गोलाघाट, नगांव और कामरूप जैसे कुछ जिलों में दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहें। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि असम पुलिस ने विपक्षी दलों को नोटिस जारी कर उनसे हड़ताल वापस लेने को कहा था, और चेतावनी दी थी कि यदि वे इस आदेश का पालन करने में नाकाम रहते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह ने कहा, ‘‘असम पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी किया गया था कि राज्य में किसी भी आंदोलन के माध्यम से सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान न हो और लोगों के जीवन को कोई खतरा न हो।’’ असम पुलिस द्वारा जारी नोटिस की आलोचना करते हुए सैकिया ने कहा कि यह शर्मनाक है कि राज्य पुलिस विभाग भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम CAA लागू किये जाने के खिलाफ शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन जारी रखेंगे।’’ सोनितपुर में, जिला प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी है।

संवेदनशील इलाकों में कमांडों की तैनाती सहित अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात कर पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और 30 गैर-राजनीतिक संगठन शाम में मशाल जुलूस निकालेंगे और बुधवार से सत्याग्रह शुरू करेंगे।

Advertisement
First Published - March 12, 2024 | 7:12 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement