facebookmetapixel
Advertisement
₹21,028 करोड़ मुनाफे के बाद SBI ने TCS को पीछे छोड़ा, बनी देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनीरेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 47% अपसाइड का टारगेटITR Refund Status: रिफंड का इंतजार? 24 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी पेंडिंग; जानें क्या करेंBank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावितजॉब जॉइनिंग में अब नहीं होगी देरी! Aadhaar App से मिनटों में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, जानें डीटेल्सऑफिस का किराया आसमान पर! REITs के लिए खुला कमाई का सुपर साइकिलभारत से ट्रेड डील की फैक्ट शीट में US ने किया संसोधन; दालें हटाई गईं, $500 अरब खरीद क्लॉज भी बदलामौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौकाGold Silver Price Today: सोने चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले चेक करें आज के दामMSCI में फेरबदल: IRCTC इंडेक्स से बाहर, L&T Finance समेत इन स्टॉक्स में बढ़ सकता है विदेशी निवेश

यूपी पुलिस के UPCOP ऐप में ‘किराए के हत्यारे’, ‘तस्कर’, ‘वेश्या’ और ‘ड्रग ट्रैफिकर’ जैसे ऑप्शन, लोगों ने जताई चिंता

Advertisement

UPCOP app controversy: UPCOP ऐप में 'किराए के हत्यारे', 'तस्कर', 'वेश्या' और 'ड्रग ट्रैफिकर' जैसे प्रोफेशन को विकल्प के रूप में लिस्ट किया गया है।

Last Updated- April 23, 2024 | 6:09 PM IST
UP Police

उत्तर प्रदेश में किरायेदारों के वैरिफिकेशन और FIR दर्ज करने के लिए बनाए गए एक ऐप ‘UPCOP’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस ऐप में किरायेदारों के प्रोफेशन के लिए ड्रॉपडाउन मेन्यू में आपत्तिजनक चीज़ें शामिल की गई हैं। इसमें ‘किराए के हत्यारे’, ‘तस्कर’, ‘वेश्या’ और ‘ड्रग ट्रैफिकर’ जैसे प्रोफेशन को विकल्प के रूप में लिस्ट किया गया है।

दरअसल, UPCOP का मुख्य काम यही है कि उत्तर प्रदेश में रहने की जगह ढूंढ रहे किरायेदारों की जांच की जाए। लेकिन, कुछ लोगों ने जब इस ऐप के ‘किरायेदार वैरिफिकेशन’ वाले हिस्से में ये विकल्प देखे तो चिंता जताई और सोशल मीडिया पर इस ड्रॉपडाउन मेन्यू का स्क्रीनशॉट शेयर कर दिया। इस वजह से उत्तर प्रदेश पुलिस का ध्यान इस मामले पर गया है

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘UPCOP’ ऐप में किरायेदारों के लिए आपत्तिजनक प्रोफेशन को विकल्प के रूप में देने के मामले पर सफाई दी है। पुलिस ने माना है कि ऐप में यह गलती हो गई। उन्होंने बताया कि ये विकल्प राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा से आए थे। दिलचस्प बात ये है कि दूसरे राज्यों ने भी इसी तरह की समस्या बताई है। इसलिए उत्तर प्रदेश पुलिस एनसीआरबी के साथ मिलकर इस गलती को ठीक करने का प्रयास कर रही है।

हालांकि, पुलिस ने ये भी स्पष्ट किया है कि ‘किरायेदार वैरिफिकेशन’ विकल्प किरायेदारों को जांचने में मकान मालिकों की मदद के लिए दिया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘UPCOP’ ऐप में गलत किरायेदार प्रोफेशन को विकल्प के रूप में देने मामले पर और जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि एनसीआरबी का डेटा जो उन्हें मिला है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस समस्या को हल करने के लिए वह वही तरीका अपनाएगी जो पहले उत्तराखंड ने अपनाया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘UPCOP’ ऐप की निगरानी एक एडीजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व वाले तकनीकी सेवा विभाग द्वारा की जाती है। एनसीआरबी से मिले डेटा में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी पहले ऐसी ही समस्या सामने आई थी। उसी तरह से उत्तर प्रदेश पुलिस भी इस मामले का हल निकालने के लिए जरूरी बदलाव करेगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से एक नया मोबाइल ऐप आया है – UPCOP. ये ऐप आपकी कई सारी चिंताओं को दूर करने में आपकी मदद करेगा। किराये से मकान देने से पहले उनकी जांच करनी है? कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है? या फिर किसी कर्मचारी का वैरिफिकेशन कराना है? ये सब अब UPCOP ऐप के जरिए आसानी से हो जाएगा। इतना ही नहीं, चरित्र प्रमाण पत्र भी आप इस ऐप के जरिए बनवा सकते हैं।

Advertisement
First Published - April 23, 2024 | 6:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement