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Mukhtar Ansari: गैंगस्टर से राजनेता बने मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा

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Mukhtar Ansari: विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए अवनीश गौतम ने 1986 में जाली हस्ताक्षर करके डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में मुख्तार अंसारी को दोषी ठहराया है।

Last Updated- March 13, 2024 | 4:58 PM IST
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गैंगस्टर और पूर्व सांसद मुख्तार अंसारी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में बुधवार को वाराणसी की एमपी/एमएलए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंगलवार को अदालत ने मुख्तार अंसारी को दोषी ठहराया था।

अंसारी पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन शामिल हैं। यह सितंबर 2022 के बाद से अंसारी की आठवीं सजा है।

विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए अवनीश गौतम ने 1986 में जाली हस्ताक्षर करके डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में मुख्तार अंसारी को दोषी ठहराया है। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468, 120 बी (आपराधिक साजिश) और धारा 30 के तहत दोषी पाया गया है। अंसारी बांदा जेल से वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए, जहां वह वर्तमान में बंद हैं और उन पर कुल 61 आपराधिक मामले चल रहे हैं।

मुख्तार अंसारी पर फर्जी कागजात के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप

1990 में, मुख्तार अंसारी पर फर्जी कागजात के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था। गाज़ीपुर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि अंसारी ने फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके शस्त्र लाइसेंस हासिल किया था। सीबीआई ने अंसारी और तत्कालीन शस्त्र क्लर्क गौरी शंकर लाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।

चूंकि आरोपों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा शामिल थी, इसलिए मुकदमा वाराणसी की एमपी/एमएलए अदालत में चला। मुकदमे के दौरान, 10 गवाहों से पूछताछ की गई। 15 दिसंबर 2023 को, अदालत ने अंसारी को 5 साल और 6 महीने की कैद की सजा सुनाई। यह सजा 1997 में VHP कोषाध्यक्ष के अपहरण मामले में एक गवाह को धमकी देने से संबंधित मामले में सुनाई गई थी।

कब-कब मिली मुख्तार अंसारी को सजा

इससे पहले 29 अप्रैल 2023 को, अंसारी को गैंगस्टर एक्ट मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जबकि उनके भाई और सह-अभियुक्त अफजल को चार साल की कैद की सजा दी गई थी। इस सजा के परिणामस्वरूप, अंसारी ने अपनी लोकसभा सदस्यता खो दी थी।

इससे पहले, 21 सितंबर 2022 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने जेलर पर पिस्तौल तानने के आरोप में अंसारी को सात साल जेल की सजा सुनाई थी। 23 सितंबर 2022 को, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने पूर्व विधायक को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच साल जेल की सजा सुनाई थी।

15 दिसंबर, 2022 को गाजीपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने मुख्तार अंसारी और उनके करीबी सहयोगी भीम सिंह को 1996 में दर्ज एक गैंगस्टर एक्ट मामले में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। 29 अप्रैल, 2023 को, अंसारी और उनके भाई अफ़ज़ल को 2007 में कृष्णानंद राय की हत्या के बाद दर्ज गैंगस्टर्स एक्ट मामले में क्रमशः 10 साल और 4 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

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First Published - March 13, 2024 | 4:58 PM IST

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