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CAA: आवेदकों के लिए दस्तावेजों की लिस्ट जारी

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आवेदकों को यह साबित करना होगा कि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में दाखिल हुए थे।

Last Updated- March 12, 2024 | 8:26 PM IST
CAA

नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) के तहत भारतीय नागरिकता पाने के इच्छुक आवेदक यह साबित करने के लिए वैध या कालातीत (एक्सपायर्ड) पासपोर्ट, पहचान पत्र, भू-रिकार्ड समेत नौ दस्तावेजों में कोई भी एक कागजात जमा कर सकते हैं कि वह अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान के नागरिक हैं।

सोमवार को जारी किये गये सीएए नियमों के अनुसार आवेदक यह साबित करने के लिए वीजा और भारत में आगमन पर आव्रजन मुहर सहित 20 दस्तावेजों में कोई एक सौंप सकते हैं कि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में दाखिल हुए थे। इन दस्तावेजों में किसी ग्रामीण या शहरी निकाय के निर्वाचित सदस्य या किसी राजस्व अधिकारी द्वारा जारी संबंधित प्रमाणपत्र भी शामिल है।

नियमों में यह भी कहा गया है कि आवेदकों को किसी स्थानीय प्रतिष्ठित सामुदायिक संगठन से जारी अर्हता प्रमाण पत्र भी देना होगा जो इस बात की पुष्टि करे कि आवेदक हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय में किसी एक का सदस्य है और अब भी उसी समुदाय में है। सरकार ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू किया।

उसने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उन बिना दस्तावेज वाले गैर मुसलमानों को त्वरित ढंग से नागरिकता देने के लिए इस कानून के नियम जारी किये जो 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आ गये थे। सीएए के तहत इन तीन देशों के उत्पीड़ित गैर मुसलमानों– हिंदुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

आवेदकों को इस बात की घोषणा करनी होगी कि वे अपनी वर्तमान नागरिकता का परित्याग करते हैं तथा वे ‘भारत को अपना स्थायी निवास’ बनाना चाहते हैं। कोई भी आवेदक अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक है, यह साबित करने के लिए वहां की सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट, भारत में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय या विदेशी पंजीकरण अधिकारी द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र या आवास परमिट, सरकारी प्रशासनिक इकाई द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल या कॉलेज या विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी स्कूल प्रमाणपत्र या शैक्षणिक प्रमाणपत्र शामिल हैं।

स्वीकार्य होने वाले अन्य दस्तावेजों में अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान की सरकार या उन देशों के किसी अन्य सरकारी प्रशासनिक निकाय द्वारा जारी पहचान पत्र, कोई लाइसेंस या प्रमाणपत्र और अन्य कागजात शामिल हैं जो यह दर्शाते हों कि आवेदक के माता-पिता, दादी-दादी या नाना-नानी में कोई अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान के नागरिक हैं या नागरिक रहे थे।

अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान की सरकार या वहां के किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी ऐसा दस्तावेज भी मान्य होगा जो यह स्थापित करता हो कि आवेदक अफगानिस्तान या बांग्लादेश या पाकिस्तान से है। नियमों के अनुसार ये दस्तावेज उनकी वैधता अवधि बीत जाने के बाद भी मान्य होंगे।

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First Published - March 12, 2024 | 8:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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