facebookmetapixel
Advertisement
1601 नंबर से आएगी अधिकृत कॉल, TRAI ने ठगी रोकने के लिए बढ़ाया दायरानरसिम्हा राव-मनमोहन से वाजपेयी-मोदी तक: एनके सिंह ने बताया कैसे बदला भारत की आर्थिक स्थिरता का सफरझारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित धांधली पर बवाल, छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्जGen Z तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में RSS, विशाखापत्तनम में होगी अहम बैठकBP India 2030 तक तेल-गैस क्षेत्र में करेगी $4 अरब का निवेश, ‘समुद्र मंथन’ योजना से कंपनी को बड़ी उम्मीदेंBrand Canvas 2026 का ग्रैंड फिनाले 11 अगस्त को बेंगलूरु में, 10 टीमें करेंगी मुकाबलाAI जॉब्स के लिए स्किल गैप की जानकारी नहीं, PMKVY 4.0 में 53,449 ने कराया रजिस्ट्रेशनग्राहकों-छोटे दुकानदारों के लिए UPI रहेगा फ्री, केवल बड़े कारोबारी लेनदेन पर ही MDR लागू करने की तैयारी: FMअमेरिकी टेक यूनिकॉर्न में बढ़ी भारत की हिस्सेदारी, हर 10 में 1 कर्मचारी भारतीयFCNR(B) योजना से बॉन्ड बाजार में आई बहार, 5 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट

अन्य देशों से ज्यादा भारत की महिलाएं लेती हैं तनाव

Advertisement
Last Updated- April 28, 2023 | 10:38 PM IST
80 percent of professional women said they are getting equal opportunities as men at work place: Survey
BS

डेलॉयट इंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 53 फीसदी कामकाजी भारतीय महिलाओं ने वित्त वर्ष 2022 की तुलना में वित्त वर्ष 2023 में अधिक तनाव झेला है। यह अन्य देशों की महिलाओं की तुलना में भी सर्वाधिक है। दुनिया भर में 51 फीसदी महिलाओं ने इस अवधि में तनाव का सामना किया है।

गुरुवार को जारी वीमन ऐट वर्क : ए ग्लोबल आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार नौकरी करने वाली 31 फीसदी भारतीय महिलाओं ने बताया कि वे तनाव में थी। तनाव में रहने वाली महिलाओं का वैश्विक औसत 28 फीसदी है।

हालांकि, यह वित्त वर्ष 2022 के 46 फीसदी की तुलना में काफी कम है।
इसमें यह भी कहा गया है कि वैश्विक औसत (40 फीसदी) की तुलना में भारत में कम महिलाएं (38 फीसदी) अपने नियोक्ताओं से पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करती हैं।

यह रिपोर्ट दस देशों में 5,000 महिलाओं के सर्वेक्षण पर आधारित थीं। इसमें भारत में 500 महिलाएं विभिन्न आयु समूहों, रोजगार की स्थिति, क्षेत्रों और वरिष्ठता की थीं।

वैश्विक रुझानों के अनुरूप, भारतीय महिलाओं को वित्त वर्ष 2022 की तुलना में वित्त वर्ष 2023 में कम गैर-समावेशी व्यवहार का सामना करना पड़ा। इनमें बैठकों में बाधा डालना, अनौपचारिक बातचीत से उन्हें बाहर रखा जाना और अन्य बातों के अलावा किसी को अपने काम का श्रेय लेना शामिल है।

Advertisement
First Published - April 28, 2023 | 10:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement